खबर कानपुर देहात के ध्यानार्थ
दुष्कर्म में युुवक को दस साल की सजा
- दो साथी बरी, अदालत ने 25 हजार रुपये का जुर्माना भी ठोंका
अमर उजाला ब्यूरो
महोबा। अपर जिला सत्र न्यायाधीश एफटीसी सुरेंद नाथ ने दुष्कर्म के मामले में युवक को दोषी ठहराते हुए 10 साल की सजा सुनाई और 25 हजार रुपये का जुर्माना ठोंका। जुर्माना अदा न करने पर आरोपी को एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। आरोपी पहले से ही जेल में बंद है। उसके दो साथियों को बरी कर दिया गया।
एक जून 2013 को कानपुर देहात निवासी युवती महोबा में किताबें बेचने आई थी। तभी शहर के गांधीनगर निवासी अमनदीप किताबें खरीदने के बहाने उसे अपने घर ले गया। वहां पर उसने अपने दो दोस्तों कुलदीप और अभिषेक को भी बुला लिया। तीनों ने युवती से दुष्कर्म किया। पीड़िता ने तीनों के खिलाफ महोबा कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर दी थी।
बृहस्पतिवार को विद्वान न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के गवाह और बहस सुनी। वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी राजेंद्र प्रसाद ने सरकार पक्ष की ओर से सात गवाह पेश किए। बहस सुनने के बाद अदालत ने अमनदीप को दुष्कर्म का दोषी ठहराते हुए 10 साल की सजा सुनाई जबकि कुलदीप उर्फ कल्लू व अभिषेक पालीवाल पर दोषसिद्ध न होने पर उन्हें बरी कर दिया गया। आरोपी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी ठोंका गया है। जुर्माना अदा न करने पर एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।