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तिल की फसल बर्बाद होने से आहत किसान ने फांसी लगाकर दी

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कबरई (महोबा)। थाना कबरई के ग्राम रिवई में तिल की फसल बर्बाद होने से आहत एक किसान ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। किसान का शव मकान के कमरे में फंदे पर झूलता मिला। पुलिस मामले की जांच पड़ताल में जुट गई है। ग्राम रिवई निवासी छिमड़ा (45) पुत्र मइयादीन प्रजापति के पास पांच बीघा भूमि थी, जिसमें वह कृषि कार्य करके परिवार का भरण पोषण कर रहा था। तीन वर्ष पूर्व छिमड़ा ने इलाहाबाद बैंक शाखा कबरई से एक लाख रुपये का कर्ज लिया था। लेकिन प्रदेश सरकार की ऋणमोचन योजना के तहत कर्ज माफ हो गया था। कई वर्षों से खेती में बेहतर पैदावार न होने से किसान परेशान रहता था। इस दफा खरीफ फसल में किसान ने तिल की फसल बोई थी लेकिन फसल बर्बाद हो गई। सोमवार की शाम छिमड़ा खेत गया लेकिन फसल में खाद बीज का पैसा भी वापस न होने की आशंका देख वापस घर लौट आया।
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देर रात छिमड़ा ने मकान के कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी। मंगलवार की सुबह जब परिजन जागे तो किसान का आहट न मिलने पर उन्होंने कमरे में जाकर देखा, जहां किसान का शव फांसी के फंदे पर झूलता मिला। घटना की सूचना तत्काल थाना कबरई पुलिस को दी गई। मृतक के तीन पुत्र संदीप, बबलू व राजकुमार है। पुत्र बबलू ने बताया कि खेती में पैदावार न होने से पिता परेशान रहते थे। शाम को खेत से आने के बाद वह गुमशुम रहे। परिजनों ने परेशानी का कारण पूछा तो किसी से कुछ नहीं बताया और एक रोटी खाकर अपने कमरे में लेटने चले गए। सुबह उनका फांसी पर शव झूलता मिला। उधर एसडीएम राजेश यादव का कहना है कि मामला संज्ञान में आया है। राजस्व टीम को जांच के लिए भेजा गया है।उपजिलाधिकारी राजेश कुमार यादव का कहना है कि नायब तहसीलदार को भेजकर जांच कराइ गई। जांच में पाया गया कि मृतक किसान की दो बेटे क्रेशरों में काम करते हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति ठीक है। मृतक के बेटे संदीप ने बताया कि पिता ने फांसी लगाकर जान दी है।
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किसान ने फांसी लगाकर दी जान
- पांच बीघा भूमि में बोई गई तिल की फसल हो गई थी बर्बाद
- रबी फसल की बुआई व परिवार के भरण पोषण की सता रही थी चिंता
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