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कर्ज और बीमारी से परेशान किसान ने फांसी लगाकर दी जान

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कबरई महोबा। कस्बा कबरई के मोहल्ला बघवा में कर्ज और बीमारी से परेशान एक किसान ने फांसी लगाकर जान दे दी। मृतक करीब सात वर्ष से टीबी की गंभीर बीमारी से पीड़ित था। इलाज के लिए बैंक व साहूकारों के अलावा परिजनों ने साढ़े तीन बीघा जमीन भी बेच दी थी लेकिन आराम नहीं मिला। पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है।
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मोहल्ला बघवा निवासी गंगादीन अहिरवार के तीन पुत्र छोटेलाल, करन व कल्लू थे। वर्ष 2009 में छोटेलाल की बीमारी के चलते मौत हो गई थी। करन के अविवाहित होने के चलते वह अपने छोटे भाई कल्लू के साथ रह रहा था। करन के नाम साढ़े पांच बीघा जमीन थी। करन 40 पांच वर्ष पहले टीबी बीमारी की चपेट में आ गया। भाई के इलाज के लिए वर्ष 2015 में कल्लू ने साढ़े तीन बीघा जमीन बेच दी और पैसा इलाज में लगा दिया लेकिन आराम नहीं मिला। तब करन ने साहूकारों से करीब एक लाख रुपये कर्ज ले लिया। वर्ष 2016 में करन के भाई कल्लू ने केसीसी पर एक लाख से अधिक का इलाहाबाद बैंक से कर्ज लिया और पैसा इलाज में खर्च कर दिया।
बीमारी सही न होने से और कर्ज की अदायगी से परेशान करन ने मंगलवार की सुबह मकान के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक के भाई कल्लू ने बताया कि बैंक व साहूकारों से कर्ज के अलावा भाई के इलाज में जमीन भी बेच दी लेकिन उसने फांसी लगाकर मौत को गले लगा लिया। उपजिलाधिकारी सदर राजेेश यादव का कहना है कि घटना उनकी जानकारी में नहीं है। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी।
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कर्ज और बीमारी से परेशान किसान ने फांसी लगाकर दी जान
-टीबी की बीमारी से परेशान था किसान, इलाज के लिए बेच दी थी साढ़े तीन बीघा जमीन
-सूचना पर पुलिस घटना की जांच में जुटी
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