कबरई (महोबा)। कबरई के क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी मौत के मामले में जेल में निरुद्घ महोबा के पूर्व पुलिस अधीक्षक व निलंबित आईपीएस मणिलाल पाटीदार को एक मामले में जमानत मिल जाने से मृतक के परिजन खफा हैं। मृतक के बड़े भाई ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को शिकायती पत्र भेजकर विजिलेंस पर आईपीएस को बचाने का आरोप लगाया है। उन्होंने जांच की सत्यता के अनुसार पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है।
निलंबित आईपीएस मणिलाल पाटीदार ने घटना के दो साल बाद 15 अक्तूबर 2022 को लखनऊ कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था। कोर्ट ने जमानत देते हुए कहा कि आरोपी के खिलाफ लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोप में दस वर्ष से कम की सजा है। ऐसे अपराध में यदि 60 दिन के अंदर चार्जशीट दाखिल नहीं की जाती तो आरोपी को जमानत का अधिकार मिल जाता है। पाटीदार को भ्रष्टाचार के एक मामले में जमानत मिलने से परिजन नाखुश हैं।
मृतक कारोबारी के भाई विजय कुमार त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर बताया कि यदि विजिलेंस समय से चार्जशीट प्रस्तुत करती तो जमानत नहीं मिलती। इतने संगीन मामले में यह बड़ी लापरवाही भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने के लिए पर्याप्त है। आरोप लगाया कि जांच एजेंसियां दोषी को बचाने का प्रयास कर रही हैं। उन्होंने जांच एजेंसियों की लापरवाही का संज्ञान लेकर न्याय दिलाने की मांग की है।
क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी मौत के मामले में जेल में निरुद्घ आरोपी दरोगा देवेंद्र शुक्ला, सिपाही अरुण यादव, व्यापारी सुरेश सोनी और ब्रह्मदत्त की जमानत याचिका पर गुरुवार को उच्च न्यायालय इलाहाबाद में सुनवाई होगी। इससे पहले चारों आरोपियों की जमानत याचिका पर कई बार सुनवाई टल चुकी है। चारों आरोपी दो साल से जेल में निरुद्घ हैं जबकि एक लाख के इनामी आईपीएस मणिलाल पाटीदार ने 15 अक्तूबर 2022 को लखनऊ की कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था। पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता चंद्रप्रकाश तिवारी ने बताया कि दरोगा, सिपाही व दोनों व्यापारियों की जमानत याचिका पर 12 जनवरी को सुनवाई होगी।