महोबा। अधिवक्ता मुकेश कुमार पाठक के गोली मारकर आत्महत्या करने के मामले की जांच के लिए एसआईटी (विशेष जांच दल) बुधवार को महोबा आ सकती है। बांदा के अतर्रा सर्किल के सीओ आनंद कुमार पांडेय टीम के साथ आएंगे। वह सबसे पहले महोबा कोतवाली जाकर मामले से जुड़े दस्तावेज अपने कब्जे में लेंगे।
डीएम सत्येंद्र कुमार ने अधिवक्ता खुदकुशी मामले की जांच एसआईटी से कराए जाने के लिए शासन को पत्र भेजा था। शासन के निर्देश पर ही चित्रकूट धाम मंडल के आईजी के. सत्यनारायणा ने अतर्रा सर्किल के सीओ आनंद कुमार पांडेय की अगुवाई में तीन सदस्यीय टीम गठित की थी। इस बारे में मंगलवार को आईजी का आदेश सीओ, इंस्पेक्टर क्राइम ब्रांच बांदा रामेंद्र तिवारी व हमीरपुर की क्राइम ब्रांच में तैनात इंस्पेक्टर विक्रमाजीत सिंह को मिल गया।
सूत्रों के मुताबिक बुधवार को एसआईटी टीम महोबा आकर मामले की जांच शुरू कर सकती है। टीम सबसे पहले महोबा कोतवाली जाएगी। वहां से मामले से जुड़े दस्तावेज लेने के बाद वादी पक्ष के बातचीत करेगी।
उधर, जेल में बंद कबरई ब्लॉक प्रमुख छत्रपाल यादव, उसके भतीजे विक्रम व साथियों की संपत्ति कुर्क करने के लिए पुलिस की पूरी तैयारी कर ली है। आरोपियों की कोई भी संपत्ति कुर्की से बच न जाए। इसलिए महोबा कोतवाली पुलिस ने मंगलवार को नगर पालिका, तहसील और रजिस्ट्री ऑफिस समेत कई स्थानों पर जाकर इन आरोपियों की संपत्ति का ब्योरा जुटाया है।
सूत्रों की मानें तो छत्रपाल व उसके साथियों के पास 10 लग्जरी कारें और करोड़ों की संपत्ति होने का पता चला है। पुलिस ने इन सब की फाइल भी लगभग तैयार कर ली है। अब गैंगस्टर एक्ट की धारा 14/1 के तहत इन संपत्तियों को कुर्क करने की कार्रवाई के लिए एसपी के माध्यम से डीएम को फाइल भेजी जाएगी। माना जा रहा है कि गुरुवार तक डीएम की भी कार्रवाई के लिए हरी झंडी मिल जाएगी। इसके बाद कुर्की की कार्रवाई पुलिस शुरू करेगी।