महोबा। अधिवक्ता मुकेश कुमार पाठक के गोली मारकर आत्महत्या के मामले में मुख्य आरोपी कबरई ब्लॉक प्रमुख छत्रपाल यादव हिस्ट्रीशीटर है। पुलिस रिकॉर्ड की माने तो जिले के विभिन्न थानों में छत्रपाल पर हत्या, जानलेवा हमला, गुंडा एक्ट समेत विभिन्न मामलों में 26 मुकदमे दर्ज हैं। छत्रपाल यादव का आपराधिक इतिहास वर्ष 1985 से शुरू हुआ। सबसे पहला मामला कोतवाली चरखारी में जानलेवा हमले का दर्ज किया गया। इसके बाद आपराधिक घटनाएं बढ़ती गईं।
शहर के समदनगर निवासी अधिवक्ता मुकेश कुमार पाठक (55) के छोटे बेटे शिवम पाठक को डरा धमकाकर 60 लाख रुपये वसूले गए। इस पर अधिवक्ता ने सात फरवरी को शहर कोतवाली में ब्लॉक प्रमुख छत्रपाल यादव समेत पांच लोगों पर रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया। लगातार दबाव व धमकियों से परेशान होकर अधिवक्ता ने गोली मारकर आत्महत्या कर ली। इसके बाद पुलिस ने ब्लॉक प्रमुख समेत सात लोगों पर आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का मामला दर्ज किया।
कबरई ब्लॉक प्रमुख छत्रपाल यादव मूलरूप से छिकहरा गांव के निवासी है। वर्ष 1985 में कोतवाली चरखारी में जानलेवा हमले का पहला मामला दर्ज हुआ। इसी वर्ष शहर कोतवाली में धमकाने के दो मामले दर्ज किए गए। वर्ष 1993 में घर में घुसकर मारपीट व गुंडा एक्ट के तीन मामले दर्ज हुए। वर्ष 1997 में शहर कोतवाली में जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज की गई। वर्ष 2002 में हत्या व एससीएसटी एक्ट का मामला कोतवाली में दर्ज किया गया। वर्ष 2004 में जुआ एक्ट, 2005 में धमकी व वर्ष 2006 में घर में घुसकर मारपीट व धमकी का मामला दर्ज हुआ। वर्ष 2007 में मिनी गुंडा एक्ट और घर में घुसकर लूटपाट का मामला दर्ज हुआ। इसी वर्ष खरेला थाने में वसूली और कबरई थाने में जानलेवा हमले का मामला दर्ज किया गया। वर्ष 2008 में गैंगस्टर एक्ट और एससीएसटी एक्ट की रिपोर्ट दर्ज हुई।
वर्ष 2009 में मारपीट व धमकी और 2010 में तीन आपराधिक मामले दर्ज किए गए। वर्ष 2011 में मारपीट का मामला दर्ज हुआ। इसके बाद सात फरवरी 2021 को 60 लाख रुपये वसूलने और 14 फरवरी को आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का मामला दर्ज किया गया।
ब्लॉक प्रमुख कबरई का आपराधिक इतिहास होने के चलते किसी भी मामले में पीड़ित उसके खिलाफ आवाज नहीं उठाते थे। 60 लाख रुपये वसूलने के मामले में अधिवक्ता ने रिपोर्ट दर्ज कराई तो उसे धमकाया गया। इससे अधिवक्ता ने परेशान होकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने ब्लाक प्रमुख को गिरफ्तार कर जेल भेजा है।
ब्लॉक प्रमुख पर होगी गैंगस्टर की कार्रवाई
अधिवक्ता की मौत के मामले में ब्लाक प्रमुख कबरई व उसके साथियों पर एक सप्ताह के अंदर दो मुकदमे दर्ज हुए। अधिवक्ता के पुत्र से 60 लाख रुपये वसूलने का मामला सात फरवरी को दर्ज होने के बाद कार्रवाई न होने और दबाव के चलते अधिवक्ता ने आत्महत्या कर ली। जिस पर आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का मामला दर्ज हुआ। डीएम सत्येंद्र कुमार ने दोनों मामलों में शीघ्र चार्जशीट दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। बताया कि आरोपियों पर गैंगस्टर की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही धारा 14/1 के तहत चल-अचल संपत्ति भी कुर्क होगी।
वहीं, जिलाधिकारी ने शासन को पत्र भेजकर मामले की एसआईटी जांच कराने की सिफारिश की गई है, ताकि मामले की निष्पक्ष जांच हो सके और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।