महोबा। जिले में गोआधारित जैविक कृषि को बढ़ावा दिया जाएगा। उप्र गोसेवा आयोग के अध्यक्ष ने इसके लिए तैयारियां करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने चरखारी की कान्हा गोशाला का निरीक्षण भी किया।
गोसेवा आयोग के अध्यक्ष श्यामबिहारी गुप्ता बृहस्पतिवार को चरखारी की कान्हा गोशाला निरीक्षण करने पहुंचे। यहां उन्होंने गोशाला में 50 किलो गोबर खाद के बदले हरा चारा प्राप्त करने संबंधी एक योजना चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने सुझाव दिया कि गोबर के गमले तैयार करके इसमें सहजन (मोरिंगा) के पौधे लगाने के लिए लोगों को प्रेरित किया जाए और इसमें वन विभाग से सहयोग लिया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि कृषि विभाग, उद्यान विभाग, भूमि संरक्षण और पशुपालन विभाग के अधिकारियों से समन्वय स्थापित करते हुए खेतों में निवास करने वाले किसानों का चयन किया जाए। इन किसानों के साथ गो-आधारित जैविक कृषि को बढ़ावा देने के लिए एक कार्यशाला का आयोजन कराया जाए।
इस मौके पर सीवीओ डॉ. रंजन सिंह, डॉ. अटल सिंह, डॉ. मकरध्वज सिंह, डॉ. लक्ष्मण सिंह, डॉ. वीर प्रताप सिंह, गोशाला प्रभारी राजेंद्र कुमार, सहप्रभारी सौरभ पाठक आदि उपस्थित रहे।