महोबा। अधिवक्ता मुकेश कुमार पाठक को आत्महत्या के लिए उत्प्रेरित करने व गैंगस्टर के मामले में जेल में निरुद्ध कबरई ब्लॉक प्रमुख छत्रपाल यादव और उसके गिरोह के छह साथियों को सोमवार को कोर्ट में पेश किया गया। दोपहर बाद सभी आरोपियों को 60 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। छत्रपाल और उसके भतीजे विक्रम को कड़ी सुरक्षा में हमीरपुर व झांसी जेल से लाया गया था।
समदनगर निवासी अधिवक्ता मुकेश कुमार पाठक ने 13 फरवरी को घर में लाइसेंसी राइफल से गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में मुकेश के बेटे राहुल ने कबरई ब्लॉक प्रमुख व प्रसपा के प्रदेश महासचिव छत्रपाल यादव व उसके भतीजे विक्रम समेत सात लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उत्प्रेरित करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
इसके पहले मुकेश कुमार ने छत्रपाल और उसके गिरोह के चार अन्य लोगों के खिलाफ 60 लाख रुपये की वसूली व धमकी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसी मामले में पुलिस ने पिछले दिनों आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भेजा था।
थाना प्रभारी अनूप दुबे ने बताया कि छत्रपाल यादव और उसके साथियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई थी। सोमवार को सभी आरोपियों को गैंगस्टर एक्ट व अधिवक्ता को आत्महत्या के लिए उत्प्रेरित करने के मामले में कोर्ट में पेश किया गया।
इसके बाद सभी को न्यायिक हिरासत में वापस जेल भेज दिया गया। वर्तमान में छत्रपाल यादव हमीरपुर और विक्रम झांसी जेल में बंद हैं। जबकि आरोपी अंकित सोनी, आनंद मोहन यादव, रवि सोनी, मनीष चौबे, अभय प्रताप सिंह महोबा उप कारागार में बंद हैं। इन सभी को कड़ी सुरक्षा में जेल से कोर्ट लाया गया था।