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जेल में बंद परिजनों को देखने को तरस रहीं आंखें

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महोबा। कोरोना संक्रमण के चलते जेल में निरुद्ध बंदियों के परिजन साल भर से नहीं मिल सके हैं। मुलाकात करने के लिए पहुंचने पर जेल प्रशासन इंटरकॉम पर बात करा रहा है। होली के त्योहार से पहले जेल में बंद बंदियों से मिलने परिजन पहुंच रहे हैं, लेकिन अपनों को देखने के लिए आस पूरी नहीं हो रही। जेल के बाहर मौजूद मुलाकाती बताते हैं कि अपने परिजन को देखने के लिए आंखें तरस रही हैं। लगभग एक साल से वह सीधे मुलाकात नहीं कर पा रहे हैं। जेल प्रशासन ने लॉकडाउन के पहले चरण में रोक लगा दी गई थी, जिसके बाद अवधि लगातार बढ़ती चली गई। इस समय जेल में 477 बंदी निरुद्ध हैं।
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उधर, जेलर बीएन मिश्र का कहना है कि कोरोना संक्रमण के चलते बंदी के परिजनों को इंटरकॉम से बात कराई जा रही है। कोविड-19 से बचाव के नियमों का पालन किया जा रहा है। सीधी मुलाकात कराने के बारे में अभी शासन से कोई आदेश नहीं आया है।
टीकामऊ निवासी महिला लाड़ कुंवर अपने पति से मिलने कारागार पहुंची। उन्हें इंटरकॉम से बात कराई गई। महिला से पूछा गया कि आपकी सीधी मुलाकात कब हुई थी तो महिला की आंखें भर आईं। महिला ने कहा कि जब से पति जेल में हैं, एक बार भी हम लोग सीधे मुलाकात नहीं कर पाए हैं। देखने के लिए आंखे तरस रही हैं।
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गांधी नगर निवासी विक्रांत जेल में बंद अपने मित्र से मुलाकात करने पहुंचे। उन्होंने बताया कि कोरोना संक्रमण के चलते इंटरकॉम से बात कराई जा रही है। फिर भी कभी-कभी लगता है कि उसे देख पाएं, लेकिन महामारी की वजह से नियमों का पालन किया जा रहा है। अब सीधे मुलाकात की व्यवस्था होनी चाहिए।
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