बस से उतरते महानगरों से आए श्रमिक
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महोबा। दूसरे प्रदेशों में फंसे श्रमिकों का सोमवार को भी आना जारी रहा। थके हारे श्रमिकों को प्रेस क्लब के सदस्यों ने लंच पैकेट बांटे। कुछ लोग चोरीछिपे गांव निकल गए, जबकि तमाम श्रमिकों को पुलिस ने जिला अस्पताल भेजकर जांच कराई।
दिल्ली, मथुरा, आगरा व झांसी जैसे महानगरों में फंसे तमाम मजदूर सोमवार को पैदल व वाहनों से आए। श्रमिक रामकुमार, सुंदरलाल ने बताया बस चालक बांदा तक भेजने के लिए लाया था और महोबा में उतारकर चला गया। अब बसें न मिलने से वह पैदल बांदा के लिए निकल पड़े हैं। बाद में कानपुर जा रही बस में सभी श्रमिक कबरई तक के लिए बैठ गए।
इसके बाद श्रमिकों ने बांदा तक का सफर पैदल तय किया। श्रमिकों की आवाजाही दिनभर चलती रही। जिला प्रशासन ने आए श्रमिकों को अस्पताल में चेकअप कराया। श्रमिकों के आने से रोडवेज के आसपास जमावड़ा लगा रहा। दिल्ली सहित तमाम प्रांतों से आए श्रमिकों से लोग दूरियां बनाए रहे। कबरई प्रतिनिधि के अनुसार बांदा रोड पर खनिज बैरियर के पास, गल्ला मंडी के पास और कानपुर रोड में पेट्रोल पंप के पास पत्थर कारोबारियों ने सागर सिंह, मुकेश यादव, राजेंद्र पालीवाल, राजेंद्र शिवहरे सहित तमाम लोगों ने जरूरतमंदों को भोजन कराया।
मोहल्ले में बैरियर लगाकर युवा पेश कर रहे मिसाल
महोबा। कोरोना के बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए पूरा देश लॉकडाउन है। जिले में लॉकडाउन का पालन कराने के लिए पुलिस सतर्क है, लेकिन कुछ लोग बेवजह घरों से बाहर निकल रहे हैं। उन्हें रोकने के लिए भटीपुरा के युवाओं ने जागरुकता की मिशाल पेश की है। मोहल्ले के दोनों रास्तों पर युवाओं ने बैरियर लगा दिया है। कोरोना के डर के कारण लॉकडालन का पालन करने में लोग पुलिस का सहयोग करने के लिए आगे आए हैं। मोहल्ला भटीपुरा में लॉकडालन के बाद भी लोगों के दिन में कई बार आने जाने से युवाओं ने नई पहल करते हुए मोहल्ले के दोनों रास्तों पर बैरियर लगा दिया है। बैरियर के ऊपर लगाई गई तख्तियों में कोरोना से बचाव के लिए घरों पर ही रहने की बात लिखी गई है। युवा लोगों को शांति बनाए रखते हुए संक्रमण से बचाव के लिए सावधानी बरतने और सामाजिक दूरी बनाए जाने के लिए भी प्रेरित कर रहे हैं। लोग इस नई पहल की तारीफ कर रहे हैं।
पैदल चलकर सफर तय करते श्रमिक- फोटो : MAHOBA