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भीषण अग्निकांड से 18 घर जलकर राख

Wed, 06 May 2015 11:25 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो महोबा
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 प्राकृतिक आपदा से अभी किसान उबर भी नहीं पाया था कि बुधवार को अटघार गांव में भीषण अग्निकांड के चलते 18 घर जलकर तबाह हो गए। आग की चपेट में पांच खलिहान भी जलकर राख हो गए। अग्निकांड की घटना से करीब 50 लाख रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ है। आग में सब कुछ जल जाने से  किसान बेघर हो गए।
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थाना क्षेत्र के ग्राम अटघार में बुधवार को कूड़े से निकली चिंगारी से पास में रखे बद्री सिंह के खलिहान में आग लग गई। आग की लपटाें ने पड़ोसी नन्हू सिंह और विक्रम सिंह के खलिहान को  भी अपनी चपेट में ले लिया।  जिससे खलिहानाें में रखी गेहूं और लाही की फसल जलने लगी। एक साथ तीन खलिहानाें में आग लगने से आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। इसी बीच तेज हवाआें के झाेंके से खलिहान के पास बने मकानाें में आग लग गई।
मकानाें और खलिहानाें से आग की लपटें निकलती देख ग्रामीण चीखने-चिल्लाने लगे। धीरे-धीरे आग गांव की तरफ बढ़ने लगी। तभी ग्रामीणाें ने महोबा और मौदहा फायर स्टेशन को सूचना दी। सूचना मिलने पर महोबा से दो और मौदहा से पहुंची एक दमकल गाड़ी के जवानाें ने छह घंटे बाद ग्रामीणाें की मदद से आग पर काबू पाया। उधर गांव की तरफ तेजी से बढ़ रही आग को रोकने के लिए ग्रामीणाें ने एकजुट होकर कुआें, हैंडपंपाें और पंपिंग सेटाें से पानी चलाकर आग पर काबू पाया। लेकिन तब तक मूरत सिंह, लाखन सिंह, कामता प्रसाद, गया प्रसाद, मूलचंद्र, बच्चा, शिवराज, रज्जन, सीताराम नन्हू कुशवाहा, बंदर प्रजापति, सुखनंदन कुशवाहा, गुलाब सिंह, लाल सिंह, टिंकू, राजाराम कुशवाहा, शिवशंकर कुशवाहा, सीताराम सहित 18 ग्रामीणाें के मकान जलकर राख हो गए। मकानाें में रखा गेहूं, चना, राई व अन्य खानपान की सामग्री के अलावा चारपाई, बिस्तर व सोने चांदी के जेवरात सहित पूरी गृहस्थी जलकर राख हो गई। भीषण अग्निकांड की सूचना मिलने अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. रामयश, उप जिलाधिकारी प्रबुद्ध सिंह, सीओ सिटी संदीप यादव, नायब तहसीलदार कर्मवीर सिंह, कानूनगो ने पहुंचकर बर्बादी का जायजा लिया। साथ ही ग्रामीणाें को दैवीय आपदा राहत कोष के तहत आर्थिक मदद दिलाए जाने का भरोसा दिलाया।
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कई घराें में खाने के पड़े लाले
ग्राम अटघार में हुए भीषण अग्निकांड ने तमाम ग्रामीणाें के मुंह का निवाला छीन लिया है। पहले खेताें में उपज न होने से किसान परेशान था। थोड़ा बहुत खेताें में निकली फसल से फिलहाल दाल रोटी चल रही थी कि अचानक बुधवार को गांव में हुए भीषण अग्निकांड के चलते खानपान से लेकर सब कुछ जल गया। जिससे कई घराें में रोजी रोटी के लाले पड़ गए हैं।

रोटी के बाद अब छिने आशियाने
आग की तबाही से किसान अब पूरी तरह बर्बाद हो गया है। खेताें में फसल न होने से किसान मजदूरी करके रात में चैन की नींद घराें पर सो रहा था। लेकिन आग की घटना ने फसल के बाद अब घर भी छीन लिया है। जिससे किसानाें को अब सिर छिपाने की जगह नहीं है।
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