मालूम हो कि प्रधानमंत्री ने पूरे देश को साफ सुथरा करने के लिए स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत दो अक्टूबर से की थी। प्रधानमंत्री के आह्वान पर चेयरमैन पुष्पा अनुरागी ने झाड़ू हाथ में लेकर सफाई शुरू की। लेकिन जैसे ही फोटो कैमरे में कैद हुई, सफाई अभियान में जुटे लोग खिसक गए। जिससे प्रधानमंत्री का स्वच्छ भारत अभियान परवान नहीं चढ़ पा रहा है। सफाई अभियान के नाम पर महज खानापूर्ति की जा रही है।
पालिका प्रशासन की उदासीनता के चलते नगर में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। नियमित सफाई न होने से संक्रामक बीमारियाें का खतरा बढ़ गया है। पालिका प्रशासन द्वारा शहर की सफाई व्यवस्था पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिससे नागरिकों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। कहीं सड़कों पर कीचड़ भरा होने से यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है, वहीं दूसरी तरफ कूड़े के ढेर संक्रामक बीमारियाें को दावत दे रही हैं।
जहां जानकारी मिल जाती है, वहां सफाई कराई जाती है। कुछ स्थानों पर दुकानदार कूड़ा डाल देते हैं। फिर भी सफाई व्यवस्था को बेहतर करने का प्रयास किया जाएगा। हालांकि कर्मचारियों को नियमित सफाई करने के निर्देश दिए गए हैं।