पहाड़ पर जाल बिछाती लखनऊ से आई विशेषज्ञों की टीम।
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चरखारी (महोबा)। बंदर के आतंक और लोगों पर हमला करने की कई घटनाओं के बाद लखनऊ से आई विशेषज्ञों की टीम को दूसरे दिन भी सफलता नहीं मिली। पहाड़ और जंगल में टीम ने कई स्थानों पर जाल बिछाया, लेकिन कटखना बंदर टीम को देखकर भाग निकला।
कस्बे में बंदर का आतंक होने पर लखनऊ की पर्यावरणम सोसायटी से आई विशेषज्ञों की टीम 48 घंटे बाद भी खाली हाथ रही। टीम के महबूब अंसारी, जगदीश मौर्य व आदर्श वाजपेयी ने रंजीता पहाड़ और जंगल में कई स्थानों पर जाल बिछाए और दूरबीन से खोज की, लेकिन बंदर पकड़ में नहीं आया। शाम को कस्बे के वासुदेव मंदिर की चोटी पर कटखना बंदर दूर से देखा गया। जो झुंड से अलग था। टीम ने मंदिर पहुंचकर पिंजरा और जाल बिछाया। लोगों की भीड़ जुटने पर बंदर भाग निकला। बंदर न पकड़े जाने से लोगों में दहशत है।
महबूब अंसारी ने बताया कि लोगों के सहयोग न करने से बंदर पकड़ने में सफलता नहीं मिल सकी। एसडीएम अरुण दीक्षित से सुरक्षा व्यवस्था के लिए दो सिपाही मुहैया कराने की मांग की।