महोबा। केंद्र सरकार द्वारा पोस्ट ऑफिस के माध्यम से पेंशनरों के लिए शुरू की गई जीवन प्रमाण पत्र योजना का लाभ घर बैठे नहीं मिल पा रहा है। पोस्ट ऑफिस आने के बाद ही उनका प्रमाण बनता है। ऐसे में पेंशनरों में नाराजगी है।
शहर का हेड पोस्ट ऑफिस लंबे समय से कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा है। यहां शहर के लिए छह पोस्टमैनों के पद सृजित हैं। जबकि महज दो ही पोस्टमैन तैनात हैं। हालांकि चार लोगों को दैनिक वेतनभोगी के आधार पर पोस्टमैन के पद पर रखा गया है। लेकिन इनके पास स्मार्ट फोन नहीं है।
पोस्टमास्टर शकील अहमद ने बताया कि सरकार की यह सुविधा घर बैठे ही पेंशनरों को दिए जाने की है लेकिन पोस्ट ऑफिस में संसाधनों व कर्मचारियों का अभाव है। पोस्ट ऑफिस में आने वाले पेंशनरों का इंडियन पोस्ट पेमेंट बैंक के माध्यम से जीवन प्रमाण पत्र बनवाए जा रहे हैं। हालांकि, आला अफसरों को पत्र लिखकर यहां की समस्या से अवगत करा दिया गया है। साथ ही पोस्टमैनों से स्मार्ट फोन खरीदने के लिए कहा गया है ताकि पेंशनरों को योजना का लाभ घर बैठे मिल सके।
सेवानिवृत्त कर्मचारी को एक साल पूरा होने पर जीवन प्रमाण पत्र का नजदीकी डाकघर या पोस्टमैन फोन करना होगा। पोस्टमैन बायोमीट्रिक डिवाइस लेकर घर पर आएंगे और सत्यापन कराकर जीवित प्रमाण पत्र जारी करेंगे। इसके लिए कर्मियों को 70 रुपये का भुगतान करना होगा। इसके लिए सेवानिवृत्त कर्मचारियों को मोबाइल नंबर, आधार कार्ड नंबर, बैंक खाता, पीपीओ नंबर की जरूरत पड़ती है।