यूपी-एमपी की सीमा पर बना उर्मिल बांध
- फोटो : MAHOBA
श्रीनगर (महोबा)। मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले की घाटियों में पर्याप्त बारिश न होने से उर्मिल बांध का जलस्तर नहीं बढ़ रहा है। उर्मिल बांध में नाममात्र का पानी आने से जिले के लोग पेयजल आपूर्ति को लेकर खासे चिंतित है। मौजूदा समय में उर्मिल बांध में मात्र 231.30 मीटर पानी है, जबकि हर साल बारिश के दिनों में उर्मिल बांध में 237.10 मीटर पानी पहुंच जाता है।
यूपी-एमपी की सरहद पर बने उर्मिल बांध से यूपी के महोबा जिले और एमपी के छतरपुर जिले के किसान खेतों में सिंचाई करते हैं। इसी बांध से महोबा शहर के अलावा श्रीनगर, सिजहरी सहित कई गांव में पानी की आपूर्ति की जाती है। बारिश के मौसम में उर्मिल बांध पूरी क्षमता के अनुरूप 237.10 मीटर तक भर जाता है। ओवरफ्लो होने पर सिंचाई विभाग फाटक खोलकर पानी निकाल देता है।
उर्मिल बांध के भर जाने से जिले में पानी का संकट नहीं रहता है। एक बार किसानों को सिंचाई के लिए भरपूर पानी मिलता है। दूसरी तरफ लोगों को पीने के लिए पानी मिलता है लेकिन एमपी की घाटियों में बारिश न होने से उर्मिल बांध का जलस्तर नहीं बढ़ रहा है, जिससे जिले के लोग खासे चिंतित हैं। उन्हें सिंचाई के साथ-साथ पेयजल समस्या का भी संकट दिखाई देने लगा है। हालांकि अभी एक माह से ज्यादा बारिश का समय है लेकिन बारिश न होने से उर्मिल बांध में पानी नहीं आ रहा है।