कीरत सागर तालाब में श्रमदान से सफाई करते लोग
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महोबा। ऐतिहासिक कीरत सागर तालाब का वैभव लौटाने के लिए ग्रीन महोबा क्लीन महोबा के बैनर तले रविवार को तालाब पर श्रम दानियों का जमावड़ा लगा। समाजसेवियों, विभिन्न संगठनों व युवाओं ने सुबह छह बजे से सफाई अभियान शुरू किया। इस दौरान तालाब में पटी गंदगी और जलकुंभी को हटाया गया। श्रमदान में शामिल युवाओं में खासा उत्साह दिखाई दिया।
चंदेल शासन काल में ऐतिहासिक कीरत सागर तालाब का निर्माण कराया गया था। 838 साल पहले दिल्ली नरेश पृथ्वीराज चौहान ने महोबा में आक्रमण कर दिया था। तब कीरत सागर तट पर दिल्ली नरेश व आल्हा ऊदल के बीच युद्घ हुआ था। युद्घ में पृथ्वीराज चौहान को हार मिली थी। बुंदेलों के शौर्य व वीरता का मूक गवाह कीरत सागर की सुंदरता देखते ही बनती थी लेकिन देखरेख के अभाव में तालाब के चारों ओर गंदगी व जलकुंभी पटी है।
तालाब का खोया वैभव वापस लौटाने के लिए ग्रीन महोबा क्लीन महोबा के बैनर तले श्रमदान से सफाई का अभियान शुरू हुआ है। संयोजक नीरज रावत ने बताया कि करीब तीन घंटे चले अभियान में लोगों ने तालाब में पटी जलकुंभी को बाहर निकाला। जिससे तालाब के एक हिस्से का पानी दिखाई देने लगा। सफाई का अभियान प्रतिदिन चलेगा।