शहर के मुख्य मार्ग पर लगा जाम।
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जिला प्रशासन की उदासीनता के चलते शहर के मुख्य मार्ग पर जाम की समस्या बढ़ती जा रही है। सड़क के दोनों तरफ अतिक्रमण किए जाने से शहर का मुख्य मार्ग संकरा हो गया है। इससे एक साथ दोनों तरफ से दो तीन वाहनों की आ जाने से जाम की स्थिति पैदा हो जाती है। इसका खामियाजा नागरिकों को भुगतना पड़ता है। बावजूद इसके प्रशासन खामोशी अख्तियार किए है।
पीपीएन चौराहा से लेकर मिशल चौराहा तक करीब तीन किमी लंबा शहर के मुख्य मार्ग के दोनों तरफ दुकानदारों द्वारा दुकानों के बाहर सामान लगाया जाता है। इससे रोड काफी संकरा हो गया है। दुकानों के बाहर सामान लगाने से जाम की समस्या बढ़ गई है।
आए दिन जाम लगने से लोगों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। इसके बाद भी दुकानदार दुकानों के बाहर सामान रखने से बाज नहीं आ रहे है। गुरुवार को दिन में करीब 11:30 बजे आमने सामने से दो तीन वाहन आ जाने से मुख्य मार्ग पर जाम लग गया। पुलिस की मशक्त के बाद वाहनों को एक तरफ कराया गया इसके बाद जाम खुला।
जिला प्रशासन शहर के मुख्य मार्ग पर नाले के ऊपर लगने वाली दुकानों और सामान को हटाने के लिए कई बार व्यापारियों की बैठक बुला चुका है। कुछ दिन तक अमल करने के बाद दुकानदार पुन: दुकानों के बाहर सामान रखना शुरू कर देते है। इससे जाम की समस्या कम होने का नाम नहीं ले रही है। उपजिलाधिकारी प्रबुद्ध सिंह का कहना है कि जल्द ही अतिक्रमण की समस्या से निजात दिलाई जाएगी। नालों के ऊपर किसी को अतिक्रमण नहीं करने दिया जाएगा।
महोबा शहर के माडल सिटी घोषित होने के बाद प्रशासन ने शहर की सड़कों का निमार्ण कार्य तो शुरू करा दिया। लेकिन अतिक्रमण की समस्या से निजात दिलाने के लिए कोई पहल नहीं की। इससे माडल सिटी होने के बाद भी अतिक्रमण, ऊबड़ खाबड़ सड़कों और बिजली समस्या से लोग जूझ रहे है। माडल सिटी का लोगों को कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है।