खुले में शौच रोकने की जानकारी देते डीएम वीरेश्वर सिंह।
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कोतवाली परिसर में सालों से खड़े वाहन कबाड़ हो रहे हैं। माल मुकदमों और दुर्घटनाओं से जुड़े वाहनों की लंबी कतार लगने से परिसर छोटा होता जा रहा है। इससे परिसर में सरकारी वाहनों को लाने ले जाने में दिक्कत हो रही है।कोतवाली परिसर में खुले आसमान के नीचे रखे होने से कबाड़ में तब्दील होते
जा रहे हैं। बारिश में यह वाहन खुले में रखे होने के कारण जंग खाकर बेकार होते जा रहे हैं। इसी तरह पनवाड़ी, महोबकंठ और अजनर थानों में भी करीब तीन सैकड़ा से अधिक वाहन जंग खा रहे हैं। इन वाहनों में पचास से ज्यादा चार पहिया वाहन हैं। कोतवाली प्रभारी कुलपहाड़ का कहना है कि वाहनों से
संबंधित मामले न्यायालयों में विचाराधीन होने के कारण उनका निराकरण नहीं हो रहा है। अदालत से आदेश आते ही वाहनों की नीलामी प्रक्रि या शुरू की जाएगी।