हमीरपुर। जिले के परिषदीय स्कूलों में बाल वाटिका से कक्षा तीन तक के बच्चों को भाषा, गणित में निपुण बनाने के लिए निपुण भारत अभियान चलाया जा रहा है। बच्चों पर इसके असर का आकलन के लिए विभाग की ओर से निपुण लक्ष्य एप लांच किया गया है। इसके लिए शिक्षकों को प्रशिक्षित भी किया गया है। विभाग इसका शैक्षिक आकलन भी करेगा।
जिले में 967 परिषदीय विद्यालय तथा 1500 आंगनबाड़ी केंद्रों में बालवाणी संचालित हैं। कक्षा तीन तक के बच्चों को भाषा, गणित में निपुुण बनाने के लिए कवायद तेज हो गई है। इसके लिए विभाग की तरफ से निपुण लक्ष्य एप लांच किया गया है। इस एप की मदद से परीक्षण किया जाएगा कि बच्चे अब तक कितने दक्ष हुए हैं।
वहीं उन्हें किस क्षेत्र में शिक्षक तथा अभिभावकों को अभी मेहनत करने की जरूरत है। इसमें दीक्षा सहित अन्य एप पहले से ही मदद कर रहे हैं। अब निपुण लक्ष्य में अंकित दक्षताओं के आकलन के लिए विभाग ने निपुण लक्ष्य एप का उपयोग करेगा।
इस एप को रीडिंग एलांग एप के माध्यम से जोड़ा गया है। एप में विषय विशेषज्ञों ने बच्चों के उपयोग में आने वाले प्रश्न अपलोड किए हैं। इसका उपयोग डायट मेंटर, स्टेट रिसोर्स ग्रुप (एसआरजी), अकादमिक रिसोर्स पर्सन (एआरपी) स्कूलों में जाकर करेंगे।
शिक्षकों को प्रशिक्षण दे दिया गया है। इससे शिक्षक एक-एक बच्चे का इसके माध्यम से परीक्षण करेंगे। वहीं शिक्षक इसकी जानकारी अभिभावकों को भी देंगे। इससे वे भी बच्चों के ज्ञान की जांच कर सकेंगे। बीएसए मुकेश खरवार ने बताया कि स्कूलों में निपुण भारत मिशन के तहत अधिक बेहतर प्रदर्शन करने के लिए लक्ष्य एप तैयार किया गया है। इसके लिए ब्लॉकवार शिक्षकों को ट्रेनिंग दे दी गई है। मानीटरिंग करने के लिए बीईओ को निर्देशित किया गया है। लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।