आक्रोशित परिजनों को समझाती पुलिस।
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खरेला (महोबा)। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खरेला में पेटदर्द की शिकायत पर पहुंची महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई। महिला की मौत से गुस्साए परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा काटा। सूचना पर पहुंची पुलिस ने लोगों को शांत कराते हुए शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। मृतका के बेटे घासीराम ने फार्मासिस्ट के खिलाफ तहरीर दी है।
खरेला थाना के ग्राम बारी निवासी रामप्यारी (55) पत्नी आशाराम डायबिटीज से पीड़ित थीं। सोमवार को अचानक पेट दर्द होने पर पुत्र संतराम रामप्यारी को पीएचसी ले गया। डाक्टरों ने उसे भर्ती कर इंजेक्शन लगाया।
संतराम व अन्य परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में तैनात फार्मासिस्ट नरेश वर्मा ने जैसे ही इंजेक्शन के बाद ग्लूकोज की बोतल लगाई, रामप्यारी की हालत बिगड़ने लगी और कुछ देर बाद उनकी मौत हो गई।
महिला की मौत से गुस्साए परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा काटा। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी राजीव यादव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए और आक्रोशित लोगों को समझाबुझा कर शांत कराया।
पुलिस ने मृतका के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम को भेजा है। थानाप्रभारी का कहना है कि मृतका के बेटे घासीराम ने तहरीर दी है। मामले की जांच की जा रही है। पीएचसी प्रभारी डा. आरएस राजपूत का कहना है कि अस्वस्थ होने के चलते वह आराम कर रहे थे।
महिला की हालत बिगड़ने पर जब उन्होंने देखा और सीएचसी चरखारी ले जाने की सलाह दी। तब तक रामप्यारी की मौत हो गई। उधर, सीएमओ डा. एसके वार्ष्णेय का कहना है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खरेला में इलाज के दौरान महिला की मौत होने की सूचना मिली है। शव का पीएम कराया जाएगा। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी मिलेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।