बुंदेलखंड में सूख चुके तालाबों का वैभव लौटाने के लिए जिला प्रशासन ने कवायद तेज कर दी है। दिन रात तालाबों में चल रही जेसीबी और एलएनटी मशीनों से कई तालाबों की पांच फीट से ज्यादा खुदाई हो चुकी है। तालाबों की खुदाई होने से अब जल भंडारण क्षमता बढ़ने के आसार पैदा हो गए है।
चरखारी के तालाबों की सुंदरता के कारण बुंदेलखंड का कश्मीर कहे जाने वाले चरखारी के तालाब इस साल पूरी तरह सूख चुके है। उनमें कीचड़ युक्त सिल्ट जमा हो गई है। नागरिकों की ओर से तालाबों की सफाई कराए जाने की डीएम से मांग की गई थी। डीएम ने शासन को पत्र लिखकर यहां के तालाबों की सफाई कराए जाने की बात कही थी।
शासन से हरी झंडी मिलने के बाद जिला प्रशासन ने रपट तलैया, मलखान सागर, रायनपुर तालाब सहित आठ तालाबों की खुदाई शुरू करा दी। 10 मई से तालाबों की खुदाई का कार्य डीएम वीरेश्वर सिंह ने चरखारी पहुंचकर कराया था। तब से दिन रात जेसीबी और एलएनटी मशीनें खुदाई में लगी हैं।