फोटो 23 एमएएचपी 13 परिचय-कस्बा कबरई स्थित खनिज चेकपोस्ट से निकलते ओवरलोड डंपर। संवाद
महोबा/कबरई। कबरई की पत्थरमंडी में रॉयल्टी चोरी करने वाले सिंडिकेट के भ्रष्टाचार वाले कनेक्शन इतने मजबूत हैं कि जांच चौकी के सीसीटीवी कैमरों का कनेक्शन ही जिला मुख्यालय से डिस्कनेक्ट हो गया। कैमरों से निगरानी का पूरा तंत्र चौकी में तैनात होमगार्ड के जवानों के हाथों में सौंप दिया गया। वे मनमाने ढंग से इन्हें बंद-चालू करके रॉयल्टी चोरी में भागीदार बनते रहे। अब मामले का खुलासा होने पर अधिकारी नींद से जागे हैं और कैमरों को फिर से जिला मुख्यालय से कनेक्ट करने की बात कह रहे हैं।
पत्थरमंडी में लंबे समय से लोकेशन माफिया व खनिज जांच चौकियों पर तैनात कर्मियों की मिलीभगत से खनिज के अवैध परिवहन की शिकायतें मिलती रही हैं। कानपुर रोड स्थित खनिज जांच चौकी में 21 जुलाई को बिना रॉयल्टी के वाहन निकालने को लेकर कुछ लोगों में विवाद हुआ और इसका वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ। इसके बाद एसडीएम शिवध्यान पांडे के नेतृत्व में पहुंची जांच टीम ने यहां पर सीसीटीवी खंगाले तो 21 जुलाई की सुबह चार से छह बजे तक ये कैमरे बंद पाए गए। इसके बाद खान निरीक्षक जितेश कुमार की तहरीर पर चौकी में तैनात दो होमगार्ड जवानों समेत 19 लोगों पर विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई।
इस घटनाक्रम के बाद पूरे निगरानी तंत्र पर सवाल खड़े होने लगे हैं। छानबीन में सामने आया कि जांच चौकी में लगे सीसीटीवी कैमरों को यहां पर तैनात कर्मचारी मनमाने ढंग से बंद और चालू करते थे। कैमरे बंद करके मनमाने तरीके से लोकेशन माफियाओं के इशारे पर बिना रॉयल्टी के वाहन निकाले जाते थे। इस पूरी व्यवस्था से खनिज विभाग के वरिष्ठ अधिकारी अनजान बने हुए थे। अब इस निगरानी तंत्र को दुरुस्त करने की बात कही जा रही है।
होमगार्ड के जवानों के मोबाइल फोन से खुलेगा राज
प्राथमिकी दर्ज होने के बाद सिंडिकेट को पकड़ने के लिए पुलिस ने प्रयास तेज कर दिए हैं। थाना प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार सिंह का कहना कि सभी आरोपियों की पहचान व गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। आरोपी होमगार्ड के जवानों के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल निकाली जा रही है। इसके आधार पर अन्य आरोपियों तक पहुंचने में आसानी होगी।
पारदर्शिता के लिए जिला मुख्यालय से जोड़े गए थे कैमरे
कबरई। खनिज संपदा की लूट-खसोट पर अंकुश लगाने के लिए वर्ष 2021 में तत्कालीन डीएम सत्येंद्र कुमार ने एक निगरानी तंत्र विकसित किया था। अवैध खनिज परिवहन पर सतत निगरानी के लिए उन्होंने खनिज चौकियों में सीसीटीवी कैमरों लगवाकर उन्हें जिला मुख्यालय से जोड़ने की व्यवस्था लागू कराई थी। इसके बाद जिला मुख्यालय में बैठे अधिकारी इन जांच चौकियों से निकलने वाले वाहनों पर नजर रख सकते थे। डीएम के स्थानांतरण के बाद यह व्यवस्था बंद हो गई। इससे निगरानी तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। जिला खनन अधिकारी आरबी सिंह कहते हैं कि खनिज चौकियों में लंबे समय से बंद पड़े सीसीटीवी कैमरों को कुछ दिन पहले दोबारा चालू करा दिया गया है लेकिन उन कैमरों का जिला मुख्यालय से कनेक्शन नहीं हो पाया है लेकिन शीघ्र ही जोड़े जाएंगे। उन्होंने कहा कि विभागीय कर्मचारियों की कमी के कारण मजबूरन होमगार्ड जवानों की तैनाती करनी पड़ती है। पूर्व में भी अवैध खनिज परिवहन में संलिप्त पाए गए होमगार्डों के खिलाफ कार्रवाई हुई है। विभागीय कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए डीएम द्वारा शासन को पत्र भेजा गया है। (संवाद)