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विभागों की खींचतान से नहीं हो पा रही पेय जलापूर्ति

Thu, 11 Jun 2015 11:06 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो महोबा
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जल निगम और जल संस्थान की आपसी खींचतान के चलते जिले में पानी का संकट बढ़ता जा रहा है। पिछले एक माह से पानी के हालात बेहद भयावह होती जा रही है। स्थिति यह है कि जल निगम और जल संस्थान एक दूसरे को पेयजल आपूर्ति के लिए जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। जिले में बिजली की बेहिसाब हो रही कटौती के चलते जल निगम द्वारा शहर में बनाए गए सीडब्ल्यूआर और ओवरहेड टैंक नहीं भर पा रहे हैं। इस साल जल संस्थान ने उर्मिल बांध के मोटर चलाने के लिए डीजल का भी इंतजाम नहीं किया है, जिससे टैंकों में पर्याप्त पानी न आने के कारण आधे अधूरे मोहल्लों में ही पानी मिल पा रहा है।
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महोबा पुर्नगठन पेयजल योजना के तहत वर्ष 2009 में जल निगम सिविल शाखा ने उर्मिल बांध से महोबा तक पाइप लाइन बिछाई थी। वर्ष 2010-11 में जल निगम ने उर्मिल बांध से शहर में पानी की आपूर्ति शुरू की थी। करीब चार साल बीत जाने के बाद भी यह परियोजना जल संस्थान के हैंडओवर नहीं हो सकी, जिससे पाइप लाइन संचालन और आपूर्ति जल निगम द्वारा की जा रही है, जबकि पाइप लाइन में कनेक्शन फीस और बिल की वसूली जल संस्थान द्वारा की जा रही है। जिस पर जल निगम के प्रभारी अधिशाषी अभियंता सुनील कुमार तिवारी ने बिजली न आने पर उर्मिल बांध में रखी मोटर चलाने के लिए जल संस्थान से डीजल की मांग की, जिससे चौबीस घंटे मोटर चलाकर टैंकों को भरकर पानी की आपूर्ति की जा सके। जिले में बढ़ते भीषण पानी के संकट को देखते हुए जिलाधिकारी ने जल निगम और जल संस्थान के अभियंताओं को बुलाकर पेयजल आपूर्ति में आने वाली समस्याओं को सुना। जल निगम के अधिशाषी अभियंता ने बताया कि इस साल जल संस्थान द्वारा डीजल न दिए जाने से उर्मिल बांध के पंप नियमित नहीं चल पा रहे हैं। उन्होंने बताया  कि पिछले कई सालों से गर्मी के दिनों में मोटर चलाने के लिए जल संस्थान द्वारा डीजल दिया जाता रहा है, लेकिन इस साल डीजल न दिए जाने से पानी की समस्या पैदा हो गई है, जिस पर डीएम ने जल संस्थान के उच्चाधिकारियों को पत्र लिखकर डीजल मुहैया कराए जाने की बात कही है, जिससे गर्मी के दिनों में पेयजल समस्या से निजात मिल सके।

रात के अंधेरे में भरते हैं हैंडपंप से पानी
पानी से परेशान लोग सारा दिन कामकाज करने के बाद रात के अंधेरे में परिवार सहित हैंडपंपों से पानी भर रहे हैं। शहर में उर्मिल बांध, मदन सागर की सप्लाई बाधित हो जाने से शहर में पानी को लेकर हाय-तौबा मची है, जिससे लोग सारा दिन हैंडपंपों और कुओं से पानी भरते हैं। वहीं कर्मचारी व दुकानदार सारा दिन कामकाज करने के बाद रात को घर पहुंचकर परिवार के साथ रात के अंधेरे में हैंडपंपों से पानी भर रहे हैं। साथ ही जल संस्थान और जल निगम को भी कोस रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि शहर में जल निगम और जल संस्थान द्वारा दो-दो पाइप लाइनें बिछाई गई हैं। बावजूद इसके पानी को लेकर मारामारी मची हुई है।
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बिल बराबर भेजे जा रहे पर पानी नहीं
जल संस्थान बिल भेजने में जरा सी भी देरी नहीं करता है, जबकि पानी के आपूर्ति करने के प्रति संजीदा नहीं है। पिछले एक माह से पानी के लिए परेशान उपभोक्तओं ने अब पानी का बिल भी न दिए जाने का मन बना लिया है। नागरिकों का कहना है कि पानी नहीं तो बिल नहीं की तर्ज पर काम किया जाएगा। जल संस्थान समय से बिल तो भेजता है, लेकिन पानी की आपूर्ति करने की सुध नहीं ले रहा है, जिससे लोग बूंद-बूंद पानी के लिए इधर से उधर भटक रहे हैं।
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