जिले में दो दिन पहले हुई मूसलाधार बारिश से किसान तबाह हो गए हैं। बैंकाें से कर्ज लेकर खेती-बाड़ी करने वाले किसानों की हालत तो बदतर हो गई। वह अभी से कर्ज अदायगी की चिंता में डूबे जा रहे हैं। मंगलवार को आधा दर्जन गांवाें के
किसानों ने तहसील पहुंचकर प्रदर्शन किया और बर्बाद फसल का मुआवजा दिलाने की मांग की। जिले के ग्राम चंद्रपुरा, चांदो, चुरबुरा, सिजवाहा, मिरतला, किड़ारी, पचपहरा, करहरा कला, दमौरा, श्रीनगर के फूल सिंह, महिपाल, आशारानी, दीनदयाल, देवीदीन, गया प्रसाद, खलबल ने मंगलवार को खराब फसलें ले जाकर तहसील में दिखाईं।
उप जिलाधिकारी को दिए पत्र में बताया कि दो दिन हुई बारिश से फसलें खराब हो गई हैं। सबसे ज्यादा नुकसान मटर की फसल को हुआ है।
पत्र में बताया कि फसलें बर्बाद होने से किसानों की आर्थिक स्थिति खराब हो गई है। उनके सामने रोजी रोटी का संकट पैदा हो गया है। उधर बैंकों से लिए गए कर्ज की अदायगी भी नहीं हो पा रही है।
कुलपहाड़ प्रतिनिधि के अनुसार, दो दिन तक हुई बारिश से भरवारा, पनवाड़ी सहित कई गांवाें के आधा सैकड़ा किसानों ने मंगलवार को उप जिलाधिकारी से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा।
एसडीएम को दिए ज्ञापन में बताया कि तेज बारिश से दलहनी फसलें बर्बाद हो गई हैं। वहीं गेहूं और लाही की फसल खेतों में गिरने से भारी नुकसान हुआ है। ज्ञापन देने वालों में जय सिंह, भवानीदीन, कमलेश पाठक, लाखन सिंह, राजेंद्र, कैलाश सिंह, मातादीन सहित तमाम किसान शामिल रहे।