होली के लिए बाजार खाद्य पदार्थों और पिचकारी, रंग से सज गए हैं। त्योहार के लिए लोग खोवा, मिठाई व अन्य खाद्य पदार्थों की खरीदारी करते हैं। इस मौके का फायदा मिलावट और मुनाफाखोर जमकर उठाते हैं।
समाज के ये दुश्मन आम आदमी की जिंदगी से खिलवाड़ करने से भी नहीं चूकते हैं। अब जरूरत है कि लोग सतर्कता के साथ खाद्य पदार्थों की खरीददारी करें, जिससे आप खुद को किसी मुसीबत से बचा सकें।
मिलावट खोर ज्यादा कमाने के लालच में मिलावट करना शुरू कर देते हैं। मिठाई की दुकानाें में भी आठ दिन पहले से ही मिठाई बननी शुरू हो गई हैं। आठ दिन पहले से तैयार मिठाई खुलेआम बाजार में बिक रही है। ऐसी मिठाई को खरीदने से खास सतर्कता बरतें।
खाद्य निरीक्षक सुरेश चौरसिया टीम के साथ खोवा और मिठाई दुकानदाराें के यहां छापे की कार्रवाई शुरू कर दी है। खाद्य निरीक्षक का कहना है कि मिलावटखोराें की धरपकड़ के लिए अभियान शुरू कर दिया गया है। फिर भी खरीददारी करते वक्त एहतियात बरतने की जरूरत है।
जिला खाद्य निरीक्षक सुरेश चौरसिया का कहना है कि मिलावट से बचने के लिए खुला सामान न खरीदें। इसके बजाए डिब्बा बंद या पैकिंग युक्त सामान ही लें।
डिब्बाबंद खाद्य पदार्थ की एक्सपायरी डेट जरूर देखें। कोई लोकल पैकिंग युक्त खाद्य पदार्थ तो नहीं है, इसलिए उत्पाद पर कस्टमर केयर नंबर भी देखें। रंग बिरंगी मिठाई लेने से परहेज करें। सबसे जरूरी है कि खाद्य पदार्थ लेते समय बिल लेना न भूलें।
खाद्य निरीक्षक का कहना है कि त्योहार पर खोवा की मांग अधिक होने से इसमें मिलावट ज्यादा होती है। आलू, मैदा आदि की मिलावट का पता लगाने के लिए खोवा को हाथ से मसलकर देखें।
चिकनाहट कम होेने पर पता लग जाएगा। साथ ही खोवा में अगर दो तीन बूंद टिंचर आयोडीन डाल दिया जाए तो मिलावटी खोवा काला पड़ जाएगा। अगर खोवा काला पड़ता है तो इसका मतलब है कि उसमें स्टार्च की मिलावट की गई है।