महोबा। उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय द्वारा दाल पर निर्धारित की गई थोक व फुटकर विक्रेता की स्टॉक लिमिट के विरोध में मंगलवार को व्यापारी हड़ताल पर रहे। गल्ला मंडी बंद होने से माल बेचने पहुंचे किसान बैरंग लौट गए। गल्ला व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि व्यापारी विरोधी यह कानून जल्द वापस नहीं लिया गया तो वह आरपार की लड़ाई लड़ेंगे।
प्रांतीय आह्वान पर व्यापारियों ने नवीन गल्ला मंडी पूरी तरह बंद रखी। हड़ताल कर रहे व्यापारियों ने कहा कि कोरोना संक्रमण के चलते पहले से ही व्यापारी पूरी तरह टूट चुका है। अब सरकार दालों की स्टॉक सीमा प्रभावी करके व्यापारियों के जख्म पर नमक छिड़कने का काम कर रही है। बड़ी कंपनियों को छूट दी जा रही है जबकि छोटे व्यापारियों का शोषण किया जा रहा है। जिससे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
गल्ला मंडी बंद होने से पूरे दिन सन्नाटा पसरा रहा। जानकारी के अभाव में माल बेचने पहुंचे इक्का-दुक्का किसान घंटों इंतजार के बाद मायूस होकर वापस लौट गए। व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष भागीरथ नगायच, रवि साहू, मनोज अग्रवाल, भूपेंद्र साहू, राजेंद्र नगायच, रज्जू शर्मा आदि ने कानून वापस न लेने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।