महोबा। बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं के खिलाफ पिछले 5 वर्ष से संघर्ष कर रहे बुंदेली समाज के संयोजक तारा पाटकर राजनैतिक दलों की खामोशी से खफा हैं। उन्होंने क्षेत्र के पिछड़ेपन के लिए नेताओं को दोषी ठहराया है। कहा कि महोबा की झोली में आया मेडिकल कालेज छीन लिया गया फिर भी सभी राजनैतिक दल खामोश हैं। उनकी चुप्पी आश्चर्यजनक है।
शहर के आल्हा चौक में अलग बुंदेलखंड राज्य की मांग को लेकर 514 दिन से अनशन पर बैठे तारा पाटकर ने कहा कि राजनैतिक दलों की निष्क्रियता का इससे बड़ा प्रमाण क्या होगा कि महोबा से मेडिकल कालेज छिनने की खबर से पूरा जनमानस आक्रोशित है, शहर में धरना प्रदर्शन चालू हो गए हैं लेकिन किसी राजनैतिक दल का कोई बयान तक नहीं आ रहा है। बुंदेली समाज के संयोजक ने कहा कि महोबा को जिला बने 25 साल होने वाले हैं लेकिन अभी तक यहां का जिला अस्पताल रेफर सेंटर बना हुआ है। जून में शासन ने महोबा में मेडिकल कालेज खोलने के लिए जिलाधिकारी से जमीन मुहैया कराने को कहा था। चरखारी रोड पर 30 एकड़ जमीन चयनित कर डीएम ने प्रस्ताव शासन के पास भेज दिया था, लेकिन बाद में नेताओं की आपसी खींचतान के कारण यह योजना खटाई में पड़ गई। यदि नेता इसके लिए प्रयास करें तो महोबा में मेडिकल कालेज खुल जाता।