स्वामी विवेकानंद की पुण्यतिथि पर पुष्प अर्पित करते बुंदेली समाज के संयोजक
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महोबा। बुंदेली समाज ने स्वामी विवेकानंद की 118वीं पुण्यतिथि पर शनिवार को उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। आंबेडकर पार्क में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में बुंदेली समाज के संयोजक तारा पाटकर ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने भारत को आत्मनिर्भर बनाने का मूलमंत्र दिया था।
श्रद्धांजलि सभा में तारा पाटकर ने कहा कि सन 1892 में स्वामी विवेकानंद जिस जहाज से शिकागो विश्व धर्म सम्मेलन में शामिल होने अमेरिका जा रहे थे, उसी पानी के जहाज में जमशेदजी टाटा से उनकी मुलाकात हुई और उन्होंने देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए टाटा को जमशेदपुर में स्टील प्लांट लगाने की प्रेरणा दी। स्वामी विवेकानंद ने कहा कि जब तक भारत आर्थिक रूप से अपने पैरों पर खड़ा होना नहीं सीखेगा, सही मायने में आजादी नहीं मिलेगी।
महामंत्री डॉ. अजय बरसैया ने कहा कि विवेकानंद को विश्व धर्म संसद में बोलने के लिए मात्र दो मिनट का वक्त दिया गया था, लेकिन उन्होंने अपनी ओजस्वी वाणी से 17 दिनों तक श्रोताओं को बांधे रखा और जबरदस्त लोकप्रियता हासिल की। इस मौके पर प्रशांत बुंदेलखंडी, संतोष कुमार धुरिया, अमरचंद विश्वकर्मा, अशोक पाटकार, प्रेम चौरसिया आदि मौजूद रहे।