महोबा। विश्व बौद्ध शोध संस्थान लखनऊ (संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश) की सात दिवसीय बोधि-पथ साप्ताहिक कार्यशाला शहर के रामकथा मार्ग पर स्थित बुंदेलखंड फिल्म अकादमी में शुरू की गई। इस दौरान बताया गया कि मानवीय मूल्यों की स्थापना के लिए बौद्ध चिंतन जरूरी है।
कार्यक्रम का मुख्य विषय सतत विकास एवं पर्यावरण संरक्षण में बौद्ध दृष्टिकोण रहा। कार्यशाला में प्रतिभागियों ने बौद्ध दर्शन, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समरसता, नैतिक मूल्यों व सतत विकास आदि विषयों पर विशेषज्ञों ने मार्गदर्शन किया। कार्यक्रम संयोजक सुनील सक्सेना व प्रशिक्षक श्याम कुशवाहा ने कार्यशाला की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरण संरक्षण और मानवीय मूल्यों की स्थापना के लिए बौद्ध चिंतन अत्यंत आवश्यक है। इस दौरान व्याख्यान, संवाद सत्र, समूह चर्चा, सांस्कृतिक गतिविधियां भी हुईं। कार्यशाला में कलार्पण के जिलाध्यक्ष अशोक शुक्ला, प्रियंका सक्सेना, अमर सिंह, श्वेता चौरसिया, गरिमा, प्रिंसी सोनी मौजूद रहे।