महोबा। पंचायत चुनावों के लिए तैयार की गई अनंतिम मतदाता सूचियों से मतदाताओं के नाम गायब होने से बीएलओ परेशान हैं। इन मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए अब बीएलओ को घर-घर जाकर आधार कार्ड आदि दस्तावेज जुटाने पड़ रहे हैं। नाम कटने से कुछ ग्रामीण बीएलओ को दोषी ठहरा रहे हैं।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों की तैयारियां जोरों पर चल रहीं हैं। इन तैयारियों के बीच 23 दिसंबर को अनंतिम मतदाता सूचियों का प्रकाशन किया गया। ये सूचियां लेकर जब बीएलओ संबंधित ग्राम पंचायतों में पहुंचे तो इन सूचियों से भारी संख्या में मतदाताओं के नाम गायब थे। इससे सूची वाचन करते समय बीएलओ के समक्ष असहज स्थिति उत्पन्न हो गई। मामले की शिकायत सदर एसडीएम शिवध्यान पांडेय से करते हुए कई बीएलओ ने अपनी समस्या बताई। इस पर एसडीएम ने टाइपिंग की गलतियों के ऐसी स्थिति बनने की बात कही और बीएलओ को हर संभव मदद का आश्वासन दिया। इसके बाद से सभी बीएलओ मतदाताओं के नाम जोड़ने के प्रयास में जुट गए। कबरई ब्लॉक की ग्राम पंचायत कैमाहा के बीएलओ देवेश खरे ने बताया कि पहले ग्रामीण मतदाता सूची से नाम गायब होने के मामले में बीएलओ को दोषी मान रहे थे लेकिन उन्हें किसी कारणवश नाम हटने की जानकारी देकर दोबारा जोड़ने के लिए प्रपत्र भरवाए जा रहे हैं। इसमें मतदाताओं के आधार कार्ड की फाेटोकाॅपी व मोबाइल नंबर जुटाए जा रहे हैं। प्रपत्र-2 फार्म भरने पर अंतिम मतदाता सूची में सभी नाम जुड़ जाएंगे।
कई लोग परदेश में हैं, उनका आधार कार्ड कैसे मिले
रिवई सुनैचा के बीएलओ अनिल कुमार बताते हैं कि जिन लोगों के नाम सूची से कट गए हैं, उनके दस्तावेज जुटाने के लिए जब गांव में जाकर संपर्क किया जा रहा है तो कई घरों में केवल वृद्ध ही मिल रहे हैं। वे अपने बेटों के परिवार समेत गांव से बाहर होने की बात कह रहे हैं। ऐसे में उनके आधार कार्ड की फोटोकापी मिल पाना मुश्किल है। बीला उत्तर के बीएलओ नेत्रपाल वर्मा कहते हैं कि कई परिवार ईंट-भट्टा में काम करने के लिए घरों में ताला लगाकर चले गए हैं। ऐसे में इन लोगों के आधार कार्ड की फोटोकापी और प्रपत्र-2 में हस्ताक्षर प्राप्त करना चुनौती है। ग्राम पंचायत के चुनाव में एक-एक वोट की कीमत मानी जाती है। ऐसे में बीएलओ को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।