शनिवार को भाजपा जिलाध्यक्ष चक्रपाणि त्रिपाठी के नेतृत्व में भाजपा और भाजयुमो कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए संयुक्त मोर्चा का पुतला लेकर आल्हा चौक पहुुंचे और पुतला फूंकने का प्रयास करने लगे। भाजपाइयाें द्वारा पुतला फूंके जाने की खबर पर कोतवाली प्रभारी एमपी वर्मा पुलिस बल के साथ आल्हा चौक पहुंच गए और पुतला फूंके जाने का विरोध किया।
इस पर भाजपाई भड़क गए और पुलिसकर्मियाें से भिड़ गए। भाजपाई व पुलिसकर्मियाें के बीच 20 मिनट तक चली हाथापाई के बावजूद प्रदर्शनकारियों ने पुतले को आग के हवाले कर दिया। पुलिसकर्मियाें द्वारा विरोध किए जाने से नाराज भाजपाइयाें ने नारेबाजी कर प्रदर्शन किया।
इससे पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष त्रिपाठी की अध्यक्षता में पार्टी कार्यालय में भाजपाइयाें की बैठक हुई। बैठक में जिलाध्यक्ष ने कहा कि भाजपा नेत्री एवं केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने ऐसा कुछ भी नहीं कहा कि संयुक्त मोर्चा सदन न चलने दे।
कहा कि एक ओर जहां अयोध्या मामले के मुद्दई हाशिम अंसारी रामलला मंदिर को आजाद देखना चाहते हैं। वहीं दूसरी ओर कुछ लोग इस मामले पर राजनीति कर रहे हैं।
मीडिया प्रभारी नीरज रावत ने कहा कि यह भगवान राम का देश है और यहां रहने वाले लोगाें को भगवान राम को मानना होगा। धरती मां की वंदना करनी होगी। कहा कि साध्वी ने दिए गए बयान पर माफी मांग ली है। अब सदन चलने देना चाहिए।
बैठक में भाजयुमो जिलाध्यक्ष पंकज तिवारी, जिला महामंत्री नरेंद्र मिश्रा, संजीव उपाध्याय, ओमनारायण तिवारी, अरुण सक्सेना, रविंद्र महेंद्र आदि ने विचार रखे।