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Mahoba News: भाजपा विधायक ने जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव का काफिला रोका, झड़प

Sat, 31 Jan 2026 01:31 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
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महोबा। एक दिवसीय महोबा भ्रमण पर आए जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के शुक्रवार की दोपहर करीब साढ़े तीन बजे युवा उद्घोष कार्यक्रम से लौटते समय चरखारी से भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत और उनके समर्थकों ने काफिला रोक लिया। इस दौरान विधायक व उनके समर्थकों ने जल जीवन मिशन के तहत खोदी गई सड़कों की बदहाली बताई। विरोध के दौरान विधायक और जलशक्ति मंत्री के बीच कहासुनी हुई तो समर्थकों व सुरक्षाकर्मियों के बीच तीखी झड़प हो गई। कलक्ट्रेट में विधायक, मंत्री और अफसरों के बीच बैठक हुई। इसके बाद जलशक्ति मंत्री अमानपुरा में आयोजित दंगल कार्यक्रम के शुभारंभ के लिए चले गए।
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शहर के रामश्री महाविद्यालय में एबीवीपी की ओर से युवा उदघोष कार्यक्रम रखा गया था। इसमें जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह शामिल हुए। दोपहर करीब 3.30 बजे जैसे ही काफिला छतरपुर रोड पर पहुंचा। तभी चरखारी विधायक ने 100 प्रधानोंं के साथ मिलकर उनका रास्ता रोक लिया। काफिले के आगे करीब 50 कार व बाइकें खड़ी कर दी गईं। चरखारी विधायक ने मंत्री से विधानसभा क्षेत्र के 40 गांवों में पानी न पहुंचने और पाइपलाइन डालने के लिए खोदी गईं सड़कों की मरम्मत न होने पर नाराजगी जताई। इसके बाद जलशक्ति मंत्री कार से नीचे उतर आए। विधायक ने कहा कि गांव के लोग मुझसे पूछते हैं, मैं क्या जवाब दूं। इस दौरान सुरक्षाकर्मियोंं और समर्थकों में तीखी झड़प हुई। सीओ सदर अरुण कुमार सिंह व एसडीएम शिवध्यान पांडेय ने समर्थकों को रास्ता छोड़ने के लिए कहा तो समर्थक उनसे भी उलझ गए।
काफिला रोकने के बाद जलशक्ति मंत्री ने विधायक को गाड़ी में बैठाकर बात की। उन्होंने कहा कि जहां शिकायत है, वह खुद चलते हैं। अफसर साथ में है, जहां अफसरों की लापरवाही होगी। तो उन्हें सस्पेंड कर दूंगा। विधायक ने कहा कि कई गांवोंं के प्रधान आएं हैं। सभी के गांवों में समस्या है। हर घर नल योजना में लापरवाही हुई है। विधायक ने योजना में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। इस दौरान जलशक्ति मंत्री की सुरक्षा में तैनात पुलिस अफसरों और समर्थकोंं में झड़प हुई। एसडीएम व सीओ समर्थकों को समझाते रहे लेकिन उन्होंने मंत्री का काफिला आगे नहीं बढ़ने दिया। विवाद बढ़ता देख मंत्री स्वतंत्र देव विधायक को लेकर स्वयं कलक्ट्रेट पहुंचे। इसके बाद डीएम गजल भारद्वाज के साथ मंत्री, विधायक व प्रधानों की बैठक हुई। डीएम ने 20 दिन के अंदर खुदी सड़कों का ठीक कराने का आश्वासन दिया। तब मामला शांत हुआ और मंत्री अगले कार्यक्रम के लिए रवाना हो गए।
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गाड़ी से नीचे उतरे मंत्री, विधायक से हुई कहासुनी
महोबा। काफिला रोकने के बाद प्रधानों का कहना था कि जल जीवन मिशन से खोदी गई सड़कों की दशा खराब है। जिन्हें आजतक दुरुस्त नहीं कराया गया। साथ ही कई गांवों में अभी तक पानी नहीं पहुंच रहा है। तीन साल से समस्या बरकरार है। 20 फरवरी तक समस्या के समाधान का भरोसा मिला है। एसडीएम शिवध्यान पांडेय ने बताया कि विधायक के समर्थकों ने समस्या बताने के लिए जलशक्ति मंत्री के काफिले को रोका था। बाद में समर्थकों को अलग कराकर काफिला आगे बढ़ाया गया।
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मंत्री ने विधायक से कहा- सड़कें खुदी मिली तो अफसरों को सस्पेंड कर दूंगा
महोबा। काफिला रोकने के बाद चरखारी विधायक बृजभूषण राजपूत और जलशक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव के बीच बातचीत हुई। मंत्री ने कहा कि जहां कोई शिकायत है, वहां मुझे लेकर चलो। उस गांव में मैं खुद चलता हूं। 40 गांवों में कहोगे तो मैं सभी जगह चेक करने चलूंगा, मेरे साथ अफसर हैं। सभी जगह देखूंगा, लापरवाही मिलने पर अफसरोंं को सस्पेंड कर दूंगा। आप मेरे साथ मेरी गाड़ी में चलिए।
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इंस्पेक्टर ने दिखाई आंख तो, समर्थक बोला- खा जाओगे क्या
महोबा। काफिला रोकने और झड़प के बाद जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत को अपनी गाड़ी में बैठाया। इस दौरान विधायक के समर्थकों की इंस्पेक्टर से झड़प हो गई। समर्थकों का कहना था कि पूरी बात हो जाएगी, वह तभी जाएंगे। इसी दौरान एक समर्थक इंस्पेक्टर से बोला- आंख क्यों दिखा रहे हो, खा जाओगे क्या। इस पर इंस्पेक्टर ने कहा कि ऐसा नहीं है, बात तो हो रही है।
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लोकसभा और राज्यसभा सांसद रह चुके हैं विधायक के पिता
महोबा। जनपद महोबा की विधानसभा चरखारी से विधायक बृजभूषण राजपूत वर्ष 2017 से भाजपा के टिकट पर लगातार जीत रहे हैं। उनके पिता गंगाचरण राजपूत लोकसभा व राज्यसभा सांसद रह चुके हैं। गंगाचरण और बृजभूषण राजपूत लोधी समाज का मजबूत चेहरा माने जाते हैं। यह विधानसभा लोधी बाहुल है। विधायक ने बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से बीए किया है। चरखारी विधायक उमा भारती के करीबी माने जाते हैं। वह चरखारी से लगातार दूसरी बार विधायक हैं। उन्होंने वर्ष 2022 में सपा के रामजीवन को 41 हजार से अधिक वोटों से हराया था।
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विधायक से सवाल व जवाब
सवाल- अपनी सरकार के मंत्री का रास्ता रोकने की क्या जरूरत पड़ी।
जवाब- चरखारी विधायक बृजभूषण राजपूत ने कहा कि हर घर नल योजना प्रधानमंत्री मोदी जी की योजना है। इस योजना को धरातल पर पहुंचाने और कार्य पूर्ण कराने के लिए किसी को भी रोकने या घेराव करने की जरूरत पड़ेगी तो मैं रोकूंगा। जनता की समस्या का समाधान करने के लिए मुझे जनता ने चुना है। पार्टी ने मुझे टिकट जनता की सेवा करने के लिए दिया है और जनता की सेवा करने के लिए यदि किसी को भी रोकना पड़े या धरना देना पड़े तो यह मेरा कर्तव्य है और मैं अपने कर्तव्यों से पीछे नहीं हटूंगा।
सवाल- किस प्रकार की समस्या को लेकर काफिला रोकना पड़ा।
जवाब- नमामि गंगे की योजना छह साल से चल रही है। लगातार पत्राचार किए जा रहे हैं लेकिन यह अभी तक पूर्ण नहीं हुए हैं। गांव में सड़कें खुदी पड़ी है। जो पाइपलाइन डाली गई हैं वह लीकेज हैं। जगह-जगह जलभराव है इन सभी समस्याओं को लेकर आज जलशक्ति मंत्री को अवगत कराया है।
सवाल- जलशक्ति मंत्री से क्या आश्वासन मिला।
जवाब- जलशक्ति मंत्री ने 20 दिन का समय मांगा है। आश्वासन दिया है कि 20 दिन के अंदर सभी गांव दुरुस्त होने चाहिए और कार्य पूर्ण होने चाहिए।
सवाल- मंत्रीजी ने आपसे कहा, गांव में अभी तुरंत चलो, उसका क्या हुआ।
जवाब- हां, कहा तो था। आपकी बात सही है। यह मंत्रीजी से पूछिए। वह अपनी बात पर कितना खरा उतरेंगे। अभी उन्होंने कहा था कि मैं अभी चलता हूं। अभी आपके साथ चलता हूं। गांव का अधिकारियों के साथ निरीक्षण करता है। जो भी कमी पाई जाती है, अभी सस्पेंड करता हूं लेकिन वह नहीं गए।
सवाल- 20 दिन का आश्वासन मिला है, काम पूरा न होने पर क्या करेंगे।
जवाब- उन्होंने 20 दिन का समय लिया है। वह काम करते हैं या नहीं करते, उनकी कार्यशैली पर निर्भर करेगा। करेंगे तो अच्छी बात है, नहीं करेंगे तो हम छोड़ेंगे नहीं। यह मोदी जी की योजना है।
सवाल- गाड़ी में बैठने के दौरान मंत्री जी से क्या बात हुई।
जवाब- हमने मंत्री जी से यही कहा है कि लोग परेशान है। जिले के 50-60 प्रधान आए हुए हैं। इसका मतलब है कि काम अच्छा नहीं हो रहा है। काम सही नहीं हो रहा है। इसे दुरुस्त कराया जाए।
सवाल- मंत्री जी से आश्वासन मिलने के बाद कितना संतुष्ट हैं।
जवाब- मैं संतुष्ट तो तब हूंगा, जब काम पूरा होगा। बातों से संतुष्ट होने वाला विधायक नहीं हूं। मुझे बातों से संतुष्ट नहीं किया जा सकता। काम नहीं होगा तो मैं जनता के साथ किसानों के साथ लखनऊ जाना पड़ेगा तो जाऊंगा। विधानसभा में भी मुद्दा उठा चुका हूं। पत्राचार भी किए हैं। काम पूरा नहीं हुआ तो काफिला रोकना पड़ा।
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