इलाज से इनकार करने पर जिला अस्पताल गेट के बाहर बच्चे के साथ सड़क पर लेटी मां रामकली। संवाद
- फोटो : इलाज से इनकार करने पर जिला अस्पताल गेट के बाहर बच्चे के साथ सड़क पर लेटी मां रामकली। संवाद
महोबा। जिला अस्पताल में स्वास्थ्यकर्मियों की लापरवाही का मामला सामने आया है। मासूम बेटे का इलाज कराने जिला अस्पताल पहुंची महिला से स्वास्थ्यकर्मियों ने अभद्रता करते हुए इलाज करने से इनकार कर दिया। इससे नाराज महिला बच्चे के साथ अस्पताल गेट के बाहर सड़क पर लेट गई। महिला का हंगामा देख लोगों की भीड़ एकत्र हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराते हुए मामला शांत कराया।
कोतवाली क्षेत्र के मुल्ला का खुड़ा निवासी कालीदीन अहिरवार अपने चार वर्षीय बेटे हरीश को तेज बुखार होने पर इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया। इमरजेंसी ड्यूटी में तैनात डॉक्टर ने बच्चों को वार्ड में भर्ती कर दिया। बच्चे की मां रामकली का आरोप है कि सोमवार की रात वार्ड में ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्यकर्मियों ने न सिर्फ इलाज करने से मना कर दिया बल्कि अभद्रता करते हुए वार्ड से बाहर निकाल दिया। इससे आहत होकर मां रामकली अपने बीमार बेटे को लेकर अस्पताल गेट के बाहर सड़क पर लेट गई।
निगरानी ड्यूटी पर तैनात नायब तहसीलदार विनय गोयल ने मामले की जानकारी लेते हुए अस्पताल स्टाफ की फटकार लगाई। महिला को समझाकर बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराया गया। मानवता को शर्मसार करने वाले इस मामले को लेकर भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष जनक सिंह परिहार ने अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। उन्होंने व्यवस्थाओं में सुधार न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. पीके अग्रवाल का कहना है कि बच्चा दो दिन से भर्ती था। महिला का पति शराब के नशे में वार्ड में आकर अभद्रता कर रहा था। जिस पर स्वास्थ्यकर्मियों से कहासुनी हुई। बच्चे को दोबारा भर्ती कर बेहतर उपचार दिया जा रहा है।