बारिश में बही कमलखेड़ा नहर की नवनिर्मित लाइनिंग
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चंद्रावल बांध से निकली कमलखेड़ा नहर में चार करोड़ की लागत से तैयार कराया गया लाइनिंग कार्य पहली बारिश में ही बह गया। जगह जगह लाइनिंग कार्य बहने से सिंचाई विभाग के हाथ पैर फूल गए हैं। जिले के ब्लाक चरखारी क्षेत्र में स्थित चंद्रावल बांध की कमलखेड़ा नहर से पाठा, सलुआ, कनेरी से लेकर खन्ना, ग्योड़ी क्षेत्र के दो दर्जन गांव की सैकड़ों बीघा जमीन
की सिंचाई होती है। पिछले वर्ष कमलखेड़ा नहर में कनेरी गांव तक चार किलोमीटर लाइनिंग का कार्य चार करोड़ से अधिक की लागत से कराया गया था। घटिया निर्माण की ग्रामीणों और समाजसेवियों ने लगातार शिकायत जिम्मेदार महकमे से लेकर प्रदेश स्तर तक की। लेकिन कुछ नहीं हुआ। ऐसे में बारिश होते ही चंद्रावल बांध से निकली नहर में बनाई गई लाइनिंग जगह
जगह टूटकर पानी के बहाव में बह गई। कमलखेड़ा से लेकर कनेरी गांव के बीच एक दर्जन से अधिक स्थानाें में करीब दस-दस मीटर से अधिक लाइनिंग गायब हो गई। इससे खरीफ और फिर रबी की फसल की सिंचाई के लिए किसानों को चिंता सताने लगी है। सिंचाई विभाग के अधिशाषी अभियंता विशम्भर सिंह का कहना है कि नगर में एक तरफ ऊंचाई और दूसरी ओर ढाल होने की वजह से लाइनिंग के बीच डाली गई कंकरीट में पानी घुस जाने से लाइनिंग कार्य टूट गया है। प्रत्येक पांच मीटर में बने पैनल टूटने के कार्य को बारिश के बाद दुरुस्त कराया जाएगा।