जिला अस्पताल का ब्लड बैंक बंद हो जाने से लाखों रुपये की लागत से खरीदी गई मशीनें और उपकरण जंग खा रहे हैं। हालात यह हैं कि जिले में बुखार और अन्य मौसमी बीमारियों से परेशान लोग ब्लड के लिए परेशान हैं। वहीं, ब्लड बैंक में ताला लटका हुआ है। जिला अस्पताल में पिछले कई सालों से पैथालाजिस्ट डाक्टर नहीं है। बावजूद इसके मुख्य चिकित्सा अधीक्षक
द्वारा लैब टेक्नीशियन की मदद से विश्व रक्तदान दिवस पर डोनेट करने वाले लोगों का ब्लड लेकर ब्लड बैंक में रखा जाता था। जिससे तमाम लोगों की जान बच जाती थी। लेकिन डेढ़ साल पहले स्वास्थ्य विभाग की लखनऊ से आई टीम ने ब्लड बैंक के निरीक्षण दौरान ब्लड बैंक में रखे ब्लड को देखकर पैथालाजिस्ट के बारे में पूछा था। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक उदयवीर सिंह ने पैथालाजिस्ट डाक्टर न होने की बात बताई थी। जिस पर टीम ने ब्लड बैंक को बंद करा दिया था। तबसे ब्लड बैंक में ताला लटका हुआ है।
विश्व रक्तदान दिवस पर लोगों से संकल्प पत्र भरवाए गए हैं और लोगों के खून की जांच की गई। पैथालाजिस्ट आने के बाद संकल्प पत्र भरने वाले लोगों का ब्लड लिया जाएगा और ब्लड बैंक को भी चालू कर दिया जाएगा।
उदयवीर सिंह, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक