संवाद न्यूज एजेंसी
कुलपहाड़/पनवाड़ी। गोशालाओं में पशुओं को ठंड से बचाने के इंतजाम नाकाफी है। गोशालाओं के टीनशेड छोटे होने के चलते सभी पशु अंदर नहीं रह पाते। अधिकांश पशुओं के खुले आसमान के नीचे बैठने से वह ठंड की चपेट में आकर बीमार हो रहे हैं। हालांकि, जिम्मेदारों की ओर से गोशालाओं में अलाव जलवाए जा रहे, लेकिन बड़ी संख्या में मवेशी होने के चलते सभी को राहत नहीं मिल पा रही है। यही वजह है कि गोशालाओं के पशु बीमार हो रहे हैं। अजनर में सचालित गोशाला में चहारदिवारी न होने से अधिकांश गोवंश बाहर निकल जाते हैं जो किसानों के खेतों में खड़ी फसल बर्बाद कर रहे हैं।
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फोटो 04 एमएएचपी 10 परिचय-अजनर गोशाला में ठंड से ठिठुरते मवेशी।
नगर पंचायत कुलपहाड़ की ओर से संचालित अजनर गोशाला में 650 मवेशी हैं। यहां एक बड़ा और एक छोटा टीनशेड है। जहां पशुओं को रखा जा रहा है। गुरुवार को गोशाला में अधिकांश गोवंश टीनशेड के बाहर व इधर-उधर खड़े मिले। जो गोवंश टीनशेड के अंदर थे। वह भीषण ठंड में ठिठुरते नजर आए। गोशाला में मौजूद प्रभारी प्रदीप तिवारी ने बताया कि पशुओं को ठंड से बचाने के लिए प्रतिदिन गुड, अजवाइन और मैथी दाना खिलाया जाता है। गोशाला में 11 अलाव जलवाए जा रहे हैं। यहां 11 गोवंश बीमार मिले। जिनका इलाज चल रहा है। गोशाला में चहारदीवारी न होने से अधिकांश गोवंश बाहर घूमते मिले। पशु चिकित्सक राम सिंह ने बताया कि बीमार पशुओं का इलाज किया जा रहा है।
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फोटो 04 एमएएचपी 11 परिचय-गोशाला के बाहर खुले में घूमते पशु।
ब्लॉक पनवाड़ी की लोहरगांव गोशाला में इस समय 80 मवेशी है। कुछ दिन पहले इस गोशाला का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ था। जिसमें गोवंशों की मौत होने की बात कही जा रही थी। पड़ताल के दौरान गोशाला में कोई मवेशी मृत नहीं मिला। दो पशु बीमार थे। गोशाला में ठंड से बचाव के इंतजाम नाकाफी नजर आए। गोवंश भीषण ठंड में ठिठुर रहे थे जबकि खुले में घूम रहे अधिकांश गोवंश आसमान से गिर रही ओस में गीले हो गए थे। गोशाला में एक स्थान पर अलाव जलता मिला। सचिव अभिषेक ने बताया कि गोशाला में गाेवंशों के ठंड से बचाव के लिए भरपूर इंतजाम किए गए हैं। किसी भी मवेशी की मौत नहीं हुई।
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नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी निर्दोष राजपूत ने बताया कि गोशाला में पशुओं के खान-पान की बेहतर व्यवस्था है। ठंड से बचाव के लिए पॉलिथीन लगवाई गई है। गोशाला के चारों ओर चहारदीवारी निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही निर्माण कराया जाएगा।