महोबा। जिले में हुए करोड़ों के प्रधानमंत्री फसल बीमा घोटाले के एक और आरोपी को पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार किया है। इस मामले में अब तब 12 आरोपी जेल जा चुके हैं जबकि बीमा कंपनी का प्रबंधक अब भी फरार चल रहा है। किसान संगठनों के पदाधिकारी पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग कर रहे हैं।
जिले में खरीफ 2024 और 2025 में फसल बीमा के नाम पर करीब 40 करोड़ का घोटाला हुआ। घोटालेबाजों ने न सिर्फ किसानों की फसल का बीमा करा लिया बल्कि नदी, नाले, तालाब, पहाड़, बंजर भूमि, वन आदि का भी बीमा कराकर करोड़ों का क्लेम निकाल लिया। मामले की परतें खुलीं तो डेढ़ माह पहले उप कृषि निदेशक रामसजीवन ने शहर कोतवाली ने बीमा कंपनी के प्रबंधक निखिल चतुर्वेदी समेत कई अज्ञात पर रिपोर्ट दर्ज कराई। इसके बाद पनवाड़ी, चरखारी व कुलपहाड़ कोतवाली में अलग-अलग एफआईआर दर्ज हुईं। इसमें 26 नामजद समेत कई अज्ञात शामिल हैं। इस मामले में पुलिस 11 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी थी।
एसपी प्रबल प्रताप सिंह के निर्देश पर गठित टीम में शामिल कोतवाली चरखारी के वरिष्ठ एसआई रमेश कुमार यादव के नेतृत्व में टीम ने फसल बीमा घोटाले में फरार चल रहे आरोपी दिलीप कुमार निवासी प्रेमपुर जनपद बांदा को अस्थौन मार्ग से गिरफ्तार किया। आरोपी पर महोबा की जमीनों पर फर्जी तरीके से बीमा कराने का आरोप है। कोतवाली प्रभारी प्रवीण कुमार सिंह ने बताया कि फर्जी फसल बीमा घोटाले के आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। पकड़े गए आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेजा गया है।