खन्ना (महोबा)। अन्ना पशुओं का कोई इंतजाम न होने से परेशान किसानों ने सोमवार को बन्नी गांव में प्रदर्शन कर विरोध जताया। साथ ही, अधिकारियों से रबी की फसल बचाने की गुहार लगाई। किसानों ने आरोप लगाया कि ग्राम प्रधानों ने न तो गोशालाओं का निर्माण कराया है और न ही पशुओं के रोकथाम के लिए कोई इंतजाम किए हैं। इससे अब रबी की फसल पर भी अन्ना पशुओं का खतरा है।
खरीफ की फसल अतिवृष्टि और अन्ना पशुओं के चलते बर्बाद हो गई। किसानों का बीज तक नहीं निकला। इस दफा नहरें खोले जाने के आदेश के बाद किसानों ने कई सालों से परती पड़ी भूमि पर गेहूं, मटर और चने की फसल की बुआई कर दी, लेकिन क्षेत्र के प्रधानों द्वारा अन्ना पशुओं को बंद करने की कोई व्यवस्था न किए जाने से किसानों के सामने रबी की फसल को बचाना मुश्किल दिखाई दे रहा है। किसान गुलाब सिंह, लालाराम, दीपप्रकाश पाठक, रामसिंह यादव, श्याम बिहारी, बाबू पाल, रहीश बाबू, विनोद सिंह, मोतीलाल, हरीराम यादव सहित आधा सैकड़ा से ज्यादा किसानों ने ग्राम बन्नी में प्रदर्शन कर अन्ना पशुओं से फसल बचाने की मांग की। किसानों ने बताया कि घर-घर से चंदा करके ग्रामीणों ने अस्थायी गोशाला बनाकर अन्ना पशुओं को बंद कर दिया लेकिन उनके सामने चारे-भूसे की दिक्कत आ गई है। किसानों ने जिलाधिकारी से फसल को बचाने की गुहार लगाई है।