फोटो 10 एमएएचपी 06 परिचय-महोबा-राठ मार्ग पर छतेसर के पास जाम लगाकर नारेबाजी करते ग्रामीण। संवाद
- फोटो : राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर बच्चों को दवा खिलाती शिक्षिका। विभाग स्रोत
पनवाड़ी (महोबा)। ब्लॉक पनवाड़ी के छतेसर गांव में ट्रांसफार्मर फुंकने के चार दिन बाद भी उसे दुरुस्त न कराए जाने से ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। बुंदेलखंड किसान यूनियन के बैनर तले ग्रामीणों ने महोबा-राठ मार्ग पर सोमवार की रात जाम लगा दिया। इस दौरान बिजली विभाग के अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सूचना पर पहुंचे नायब तहसीलदार के आश्वासन पर दो घंटे बाद जाम खुला। इस दौरान सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतारें लगी रहीं। जाम खुलने के बाद वाहन चालकों ने राहत की सांस ली।
छतेसर गांव में चार दिन पहले ट्रांसफार्मर फुंक गया था। इससे ग्रामीण परेशान थे। रात के समय अंधेरा छाया रहने और बिजली ठप होने से खेतों की सिंचाई न हो पाने से किसानों का धैर्य जवाब दे गया। रात करीब आठ बजे बुंदेलखंड किसान यूनियन के बुंदेलखंड प्रभारी बालाजी व राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. पंकज तिवारी के नेतृत्व में एक सैकड़ा से अधिक किसानों ने जाम लगा दिया। इस दौरान नारेबाजी कर ग्रामीण विरोध जताते रहे। इस दौरान जाम के चलते सड़क के दोनों ओर एक-एक किमी दूर तक वाहन फंस गए। जाम की सूचना पर नायब तहसील अभिषेक मिश्रा, कोतवाली प्रभारी कुलपहाड़ विनोद कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जाम लगाए लोगों को समझाया। नायब तहसीलदार ने 24 घंटे के अंदर ट्रांसफार्मर बदले जाने और आपूर्ति बहाल होने का भरोसा दिया। तब जाम खुल सका। ग्रामीणों का आरोप था कि बिजली विभाग के अधिकारी मनमानी पर आमादा हैं। फोन भी नहीं उठाते। इससे उनका गुस्सा फूटा।