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Mahoba News: ऑनलाइन देख सकेंगे प्राचीन पांडुलिपियां, घर बैठे कर सकेंगे शोध

Sat, 14 Feb 2026 12:21 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
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महोबा। पांडुलिपियों व हस्तलिखित ग्रंथों को ऑनलाइन प्लेटफार्म पर लाने के प्रयास शुरू हो गए हैं। इसके लिए शासन की ओर से ज्ञान भारतम् मिशन शुरू किया गया है। इसमें लोगों के पास निजी रूप से मौजूद भारतीय संस्कृति, परंपरा अथवा धार्मिक अभिलेखों का डिजिटलीकरण किया जाएगा। शोधार्थियों के लिए यह पहल काफी कारगर साबित होगी और वह ऑनलाइन अध्ययन कर प्रमाणित शोध कर सकेंगे।
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इस योजना के तहत सरकारी और गैर सरकारी संस्थाओं, मठों, मंदिरों, शैक्षणिक संस्थाओं, निजी व सार्वजनिक पुस्तकालयों और व्यक्तियों के पास उपलब्ध पाण्डुलिपियों, हस्तलिखित ग्रन्थ, अन्य दस्तावेजों की पहचान, सर्वेक्षण, संरक्षण व डिजिटलीकरण किया जाएगा। जिला पर्यटन सूचना अधिकारी डॉ. चित्रगुप्त श्रीवास्तव का कहना है कि बुंदेलखंड क्षेत्र प्राचीन काल से ही समृद्ध परंपराओं का संवाहक रहा है और ज्ञान भारतम् मिशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
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स्वामी के पास ही रहेगा मालिकाना हक
महोबा। पर्यटन सूचना अधिकारी ने बताया कि पांडुलिपि का तात्पर्य कागज, भोजपत्र, धातु आदि पर हाथ से लिखे ऐसे ग्रंथ से है जो न्यूनतम 75 वर्ष पुराने हों। ज्ञान भारतम् मिशन के तहत पांडुलिपियों व ग्रन्थों पर संबंधित संग्रहकर्ता, संस्था अथवा व्यक्ति का अधिकार यथावत रहेगा। मिशन का उद्देश्य केवल संरक्षण एवं डिजिटलीकरण के माध्यम से प्राचीन ज्ञान को सुरक्षित करना, शोध, अनुवाद व प्रकाशन के माध्यम से उसे विश्व पटल पर प्रस्तुत करना है। डिजिटलीकरण का कार्य ज्ञान भारतम् मिशन और उत्तर प्रदेश राजकीय अभिलेखागार की ओर से किया जाएगा।
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