उरई। नगर पालिका की 10 दुकानों की बोली 1.46 करोड़ रुपये जा पहुंची। हंगामा होने के चलते मौके पर पुलिस को बुलाना पड़ा। सभी आवंटियों को नियम व शर्तों के साथ दुकानों का आवंटन किया जा रहा है।
करसान रोड पर नगर पालिका की ओर से नवीन प्राइवेट बस स्टैंड बनाया गया है। स्टैंड के अंदर 10 दुकानों का भी निर्माण करवाया गया था। दुकानों की खुली बोली शनिवार को अधिशासी अधिकारी विमलापति की अध्यक्षता में लगाई गई।
पहली दुकान की बोली 21 लाख पर पहुंची। अंतिम बोली 12 लाख 55 हजार की रही। सभी दुकानों से पालिका को एक करोड़ 46 लाख 27 हजार का राजस्व मिला। पालिका के नए नियम को लेकर लोगों का पारा चढ़ गया। लोगों ने हंगामा किया। जिसके बाद उन्हें नियम बदलने पड़े। लोगों का कहना है कि पालिका ने जब सूचना निकाली थी तो आरक्षण की बात नहीं की थी।
पालिका ने 15 साल तक ही दुकान देने की बात कही। जिसके बाद लोगों ने विरोध किया। इसके बाद तय हुआ कि दुकानदारों को हर महीने पांच हजार 200 रुपया किराया देना होगा। हर पांच साल में 12 प्रतिशत किराए की बढ़ोतरी भी की जाएगी। दुकानदार आवंटित दुकान को किराए पर नहीं दे सकते हैं। किसी को भी हिस्सेदार भी नहीं बना सकते हैं। बिजली का संयोजन खुद ही लेना होगा। इस दौरान कर अधीक्षक गणेश प्रसाद, कर निरीक्षक धर्मेंद्र सिंह, जेई सुनील आनंद मौजूद रहे।