महोबा। महोबा की पहचान आल्हा-ऊदल की उपेक्षित पड़ी जन्मस्थली को अब एक नया स्वरूप मिलेगा। इसको पर्यटनस्थल के रूप में विकसित करने के प्रयासों के तहत 49.77 लाख रुपये की लागत से कई विकास कार्य और भवन का जीर्णोद्धार कराया जाएगा। सदर विधायक के प्रस्ताव पर प्रदेश सरकार ने इसके लिए बजट स्वीकृत किया है।
सदर विधायक राकेश गोस्वामी ने बताया कि महोबा को वीर आल्हा और ऊदल की नगरी के नाम से ही पहचाना जाता है। इनकी वीर गाथा पूरे भारत वर्ष में गाई जाती है लेकिन इनके जन्म का स्थान दिसरापुर गांव में स्थित इमारत जर्जर और उपेक्षित स्थिति में है। पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण इस इमारत और परिसर को विकसित करने के लिए सदर विधायक ने महानिदेशक पर्यटन को प्रस्ताव भेजा था। इसके बाद अब प्रदेश सरकार के अनु सचिव सर्वेश कुमार सिंह ने महानिदेशक पर्यटन को पत्र लिखकर सूचित किया है कि कार्यदायी संस्था उप्र राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड की ओर से तैयार किए गए स्टीमेट के आधार पर 49.77 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके लिए प्रथम किश्त के रूप में 23 लाख रुपये भी स्वीकृत कर दिए गए हैं। आल्हा स्मारक में पर्यटन विकास कार्य के तहत इस धनराशि से आल्हा-ऊदल की जन्मस्थली में कोटा स्टोन से फ्लोरिंग कराई जाएगी। इसके साथ ही यहां पर सोलर स्ट्रीट लाइट, पार्क में लगने वाली बोलार्ड लाइट, पर्यटकों के बैठने के लिए कुर्सियां, आल्हा-ऊदल की वीरगाथा प्रदर्शित करने के लिए सूचना बोर्ड लगाए जाएंगे। यहां पर इंटरलॉकिंग करके पर्यटकों के लिए विशेष रास्ता बनाया जाएगा। परिसर में मौजूद पेड़ों के नीचे चबूतरे बनाने के साथ ही पेयजल व शौचालय की व्यवस्था भी होगी। यहां पर आधुनिक तरीके से बागवानी कराते हुए परिसर को पर्यटकों के लिए आकर्षक बनाने का प्रयास होगा।