कुलपहाड़ (महोबा)। माधवगंज गांव के अनुसूचित जाति के युवक अलखराम की पहली बार घोड़ी चढ़ने की तमन्ना फिलहाल टल गई है। मंगेतर रामसखी के बालिग होने के बाद भी शादी की रस्में पूरी हो सकेंगी। प्रशासन ने मंगेतर के बालिग होेने तक शादी न करने की दोनों पक्षों से लिखित सहमति ले ली है।
अलखराम अपनी शादी में घोड़ी चढ़ेगा इसकी चर्चा देश भर में है। अलखराम ने सोशल मीडिया के माध्यम से घोड़ी चढ़ने के लिए इच्छा जाहिर की थी और संगठन आदि से सहयोग मांगा था। इसके बाद भीम आर्मी, कांग्रेस, सपा नेताओं ने गांव पहुंचकर मदद का भरोसा दिलाया था। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को अलखराम ने 18 जून को शादी में शामिल होने का निमंत्रण भी भेज दिया था। वहीं शादी के एक सप्ताह पहले मंगेतर के नाबालिग होने की पोस्ट वायरल होने के बाद अपर एसपी ने जांच बैठा दी थी।
शुक्रवार को तहसील सभागार में पूरा प्रशासनिक अमला जुटा। जहां पर समाज कल्याण अधिकारी अशोक कुमार, महिला कल्याण अधिकारी प्रिया गुप्ता, सामाजिक कार्यकर्ता जिला बाल संरक्षण मनोज कुमारी समेत प्रशासनिक अफसर समेत दूल्हा अलखराम, उसकी मंगेतर रामसखी पुत्री देशराज अहिरवार ग्राम बीहट तहसील सभागार पहुंचे। जहां अधिकारियों ने अलखराम और रामसखी को बालिग होने के बाद शादी करने को कहा।
अधिकारियों ने दूल्हा अलखराम, मंगेतर रामसखी और उसके पिता देशराज से अलग अलग लिखित बयान भी लिए, जिसमें उन्होंने रामसखी के बालिग होने तक शादी न करने का आश्वासन दिया। उपजिलाधिकारी सुथान अब्दुल्ला ने बताया सभी के लिखित बयान लिए गए हैं जिसमें बालिग होने तक शादी टल गई है। नियमों के उल्लंघन करने पर कार्रवाई की जाएगी।
फूट-फूटकर रोया अलखराम
तहसील परिसर में काउंसलिंग के दौरान रामसखी कोई भी शैक्षिक अभिलेख व आधार कार्ड में बालिग होने के साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सकी। जिससे परिजनों ने शादी टालने का फैसला किया गया। शादी की सभी तैयारियां पूरी होने के महज एक हफ्ते पहले शादी टल जाने से व्यथित दूल्हा अलखराम का तहसील सभागार में सब्र का बांध टूट गया और वह फूट फूट कर रो पड़ा।