महोबा। एक सप्ताह से निकल रही तेज धूप के बाद शुक्रवार को मौसम एक बार फिर बदल गया। आसमान में बादल छाने और दोपहर के समय बूंदाबांदी होने से किसानों की चिंता बढ़ गई। खेतों में पकी खड़ी फसल बारिश में भींगकर बर्बाद हो रही है। कोरोना वायरस को लेकर लॉकडाउन के चलते फसल की कटाई के लिए मजदूर ढूढ़े नहीं मिल रहे हैं। यही वजह है कि किसान दूरी बनाकर परिवार समेत खेतों की कटाई कर रहे हैं।
किसानों की खेतों में खड़ी रबी फसल तैयार होने के बाद से दैवी आपदाओं का प्रकोप जारी है। एक माह में पहले तेज आंधी व बारिश से फसल खेतों में बिछ गई। इसके बाद जिले में ओलावृष्टि ने किसानों की फसल बर्बाद कर दी। अब जो फसल खेतों में शेष बची है वह भी घर नहीं पहुंच पा रही है। मजदूर न मिलने से किसानों की पकी फसल खेतों में खड़ी हैं। अब कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के चलते जिले को लॉकडाउन कर दिया गया है। जिससे लोग घरों से नहीं निकल रहे हैं।
शुक्रवार को मौसम का मिजाज अचानक बदल गया। सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे। दोपहर के समय कुछ देर के लिए बूंदाबांदी शुरू हो गई। जिससे किसानों को पकी फसल बर्बाद होने की आशंका बढ़ गई है। मजदूर न मिलने से तमाम किसान अपने परिवार व रिश्तेदारों के साथ एक एक मीटर की दूरी बनाकर खेतों की कटाई करते नजर आ रहे हैं। रामप्रकाश, बबलू, कालीदीन, रामअवतार आदि किसानों का कहना है कि मजदूर नहीं मिल रहे हैं।