महोबा: अधिवक्ता आत्महत्या का मामला
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महोबा जिले में समदनगर निवासी अधिवक्ता मुकेश कुमार पाठक के गोली मारकर आत्महत्या करने के मामले की जांच कर रही एसआईटी (विशेष जांच दल) ने रविवार को अधिवक्ता के घर पहुंचकर हर बिंदु पर दो घंटे तक पूछताछ की। अधिवक्ता के बेटे, भतीजे व बड़े भाई के अलग-अलग बयान दर्ज किए।
अधिवक्ता मुकेश कुमार पाठक ने बेटे शिवम से 60 लाख रुपये वसूले जाने के मामले में सात फरवरी को कोतवाली में ब्लॉक प्रमुख कबरई छत्रपाल यादव समेत पांच लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बाद से आरोपी उन्हें धमका रहे थे। 13 फरवरी की रात मुकेश कुमार पाठक ने अपनी लाइसेंसी राइफल से गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी।
मामले की जांच एसआईटी को सौंपी गई। एसआईटी में शामिल बांदा के सीओ अतर्रा आनंद कुमार पांडेय के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम रविवार की दोपहर अधिवक्ता के घर पहुंची और परिजनों से पूछताछ की। एसआईटी ने अधिवक्ता के पुत्र राहुल, भतीजे कुलदीप पाठक व बड़े भाई रविंद्र पाठक निवासी खमा के बयान दर्ज किए। दो घंटे की पूछताछ के बाद एसआईटी पुलिस लाइन में बने कक्ष में चली गई। वहां दस्तावेजों की गहनता से जांच की।
होटल के फुटेज कब्जे में लेगी एसआईटी
13 फरवरी की शाम अधिवक्ता मुकेश कुमार पाठक व आरोपियों के बीच शहर के एक होटल में पंचायत हुई थी। पंचायत के बाद अधिवक्ता मायूस होकर घर लौटे थे। उसी दिन रात करीब 11 बजे उन्होंने घर पर ही गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। ऐसे में एसआईटी होटल के सीसीटीवी फुटेज कब्जे में ले सकती है, ताकि पंचायत के दौरान क्या बात हुई, इसकी हकीकत सामने आ सके।