आम का अचार और मौसमी पके आम मिल जाए तो खाने का स्वाद बढ़ जाता है, लेकिन इस बार आम पर भी सूखे का असर है। इससे दशहरी और कच्चा आम के दाम आसमान पर होंगे और आम आदमी इसका स्वाद नहीं ले सकेगा। सूखे के चलते दलहनी व तिलहनी फसलों के साथ इस बार आम पर भी ग्रहण लग गया है।
इस साल पैदावार कम होने से आम की आमद कम हो गई है। जिससे आम की कीमतें बढ़ गई है। बुंदेलखंड में सूखे का असर आम की पैदावार पर भी है। 25 से 30 रुपये प्रति किलो बिकने वाला आम इस वर्ष 50 से 60 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है। बुंदेलखंड में आम की कई प्रजातियां आती है। जिसमें दशहरी, कलमी, तोतापरी, बादाम, चौसा, सफेदा आदि है, लेकिन सूखे के चलते इस साल केवल दशहरी और तोतापरी आम ही बाजार में देखने को मिल रहे हैं।
आम मंहगे होने से आम आदमी इसका स्वाद नहीं ले पा रहा है। आम बिक्रेता मुईन ने बताया कि पिछले साल आम की पैदावार अच्छी हुई थी। जिससे आम का भाव 25 से 30 रुपये प्रति किलो था, लेकिन इस साल पैदावार कम होने से आम 50 से 60 रुपये किलो की दर से बिक रहा है। उन्होंने बताया कि आम की कई प्रजातियां अभी बाजार में नहीं आई है। कई ग्राहक तो भाव पूछकर लौट जाते है। बुंदेलखंड में आम पर भी सूखे की मार पड़ी है।