महोबा। कबरई कसबे के एक विस्फोटक डीलर के यहां 8 जून को अमोनियम नाइट्रेट बरामदगी का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। डीलर के अलावा प्रत्यक्षदर्शियों ने भी मौके पर जिलेटिन और डेटोनेटर्स न मिलने के बावजूद मनगढ़ंत एफआईआर दर्ज किए जाने की बात कही है। साथ ही मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर उच्च स्तरीय जांच क राने की मांग की गई है।
सूर्या केमिकल्स के संचालक गणेश शंकर माथुर ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में बताया कि 8 जून को पुलिस ने कबरई कसबे के विवेक नगर मोहल्ले में सूर्या केमिकल्स के गोदाम में छापा मारकर 220 कुंतल अमोनियम नाइट्रेट की बरामदगी की थी। बरामदगी के बाद डीआईजी पीके श्रीवास्तव ने एसपी आनंदराव कुलकर्णी, एसडीएम विंध्यवासिनी राय की मौजूदगी में बरामदगी स्थल पर पत्रकारों को प्रेसवार्ता में केवल अमोनियम नाइट्रेट की बरामदगी की ही बात कही थी। उस समय जिलेटिन और डेटोनेटर्स की बरामदगी की कोई जानकारी पुलिस ने नहीं दी थी लेकिन जब अमोनियम नाइट्रेट की बरामदगी के बारे में विस्फोटक होने न होने का विवाद हुआ तो पुलिस ने बाद में गोदाम की सील खोलकर उसमें अन्य विस्फोटक सामग्री मिला दी। भेजे गए पत्र में आरोप लगाया है कि पुलिस की बरामदगी की जांच ईओडब्ल्यू या अन्य जांच एजेंसी से कराई जाए तो वास्तविकता सामने आ जाएगी। पुलिस द्वारा मनगढ़ंत रिपोर्ट दर्ज करने पर कड़ी आपत्ति जताई। इस मामले में पूरी पत्थर मंडी ने एकजुट होकर निष्पक्ष जांच की मांग की। उधर इस संबंध में पुलिस अधीक्षक आंनद राव कुलकर्णी ने बताया कि शुक्रवार को जो माल पकड़ा गया था। उसकी विशेषज्ञों द्वारा जांच कराई गई है। उन्होंने बताया कि उस दिन पत्रकारों को घटना की जानकारी देने के बाद की जांच पड़ताल में जिलेटिन और डेटोनेटर्स भी पाए गए हैं इसिलए मामले में उसे भी शामिल किया गया है।