महोबा। यातायात माह नवंबर में खत्म हो गया, लेकिन शहर की ट्रैफिक व्यवस्था आज भी जस की तस बनी हुई है। यातायात माह के दौरान पुलिस अफसर और यातायात पुलिसकर्मी जहां कॉलेजों में जाकर बंद कमरों में ज्ञान देते रहे। वहीं सड़कों पर डग्गामार वाहन चालक ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ाते रहे। पुलिस ने भले ही परमानंद चौराहा से सुभाष चौकी तक वन वे व्यवस्था लागू कर रेलवे स्टेशन से आने वाले टेंपो पर रोक लगा दी हो, लेकिन कबरई, चरखारी, श्रीनगर और कुलपहाड़ जाने वाले टेंपो चालक सड़कों पर अस्त व्यस्त हालत में वाहन खड़ा कर सवारियां भर रहे हैं। ट्रैफिक पुलिस के कर्मचारी जहां चौराहों पर कुर्सी डालकर आराम फरमा रहे हैं। वहीं नागरिकों को जगह-जगह जाम और अव्यवस्थाआें से जूझना पड़ रहा है। अमर उजाला की पड़ताल में पुलिस के यातायात माह की पोल खुल गई-
सीन-1-टेंपो चालकों ने बना लिया अवैध स्टैंड-शहर के प्राइवेट बस स्टैंड के समीप स्थित बलखंडेश्वर मंदिर के सामने श्रीनगर जाने वाले टेंपो चालकों ने अपना अड्डा बना लिया है। एक महीने तक चले यातायात माह के दौरान समाप्त हो गया, लेकिन पुलिस अफसराें ने अवैध रूप से सड़क पर सवारियां भरने वाले टेंपो चालकाें को यहां से हटाने की जरूरत नहीं समझी। वहीं ंसड़क पर प्राइवेट बस खड़ी हो जाने पर सड़क पूरी तरह से जाम हो जाती है। पुलिस ने सड़क से ऐसे अवैध अड्डाें को हटाने के बजाए स्कूलाें में बच्चों को यातायात नियमों की जानकारी देकर यातायात माह की इतिश्री कर ली।
सीन-2-डग्गामार वाहनों से लगता है जाम-परमानंद चौराहे पर कबरई और चरखारी व कुलपहाड़ के टेंपो चालकों और डग्गामार वाहन चालकों ने अड्डा बना रखा है। बीच सड़क में वाहन खड़े कर ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के सामने धड़ल्ले से सवारियां भरते देखे जा सकते हैं। यही नहीं जिला अस्पताल के सामने भी टेंपो चालक सवारियां भरते हैं। बावजूद इसके पुलिसकर्मी इन डग्गामार वाहन चालकों को हटाने की जहमत नहीं उठाते। सड़क पर दो तरफ से वाहन आ जाने पर सड़क पर जाम लग जाता है, जिसका खामियाजा नागरिकाें को भुगतना पड़ रहा है।
सीन-3-शोपीस बन गए टेंपो स्टैंड-शहर की यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए हमीरपुर चुंगी, नवीन गल्ला मंडी, पीडब्ल्यूडी तिराहा, राठ चुंगी में टेंपो स्टैंड बनाए गए थे। साथ ही टेंपो के अलग-अलग रूट निर्धारित करने के साथ ही टेंपो में रूट नंबर अंकित कराए गए थे। 10-15 दिन तक यह व्यवस्था बेहतर रूप से चलाई गई, लेकिन बाद में व्यवस्था पुराने ढर्रे पर फिर लौट आई। तब से आज तक व्यवस्था नहीं सुधारी गई। टेंपो स्टैंड शोपीस बनकर रह गए हैं। यही नहीं हाल ही में टेंपो चालकों ने हड़ताल कर रूट के अनुसार ही टेंपो का संचालन कराए जाने की मांग की थी। इसके बाद भी पुलिस प्रशासन ने रूट के हिसाब से टेंपो चलवाने की जहमत नहीं उठाई।
ट्रैफिक व्यवस्था और बेहतर करने के लिए 10 होमगार्डों को मुख्य मार्गों और चौराहों पर लगाया जाएगा, जिससे यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो। सड़क पर आड़े तिरछे खड़े रहने वाले टेंपो चालकों का चालान किया जाएगा। टेंपो स्टैंड से ही अलग-अलग रूटों के टेंपो का संचालन कराया जाएगा।- रामकिशोर, पुलिस अधीक्षक।