महोबा। परियोजना निदेशक हुब्बलाल ने कहा कि बेरोजगार युवतियाें को अपनी प्रतिभा का उपयोग करते हुए स्वाबलंबी बनना चाहिए ताकि वे अपने पैराें पर खड़े होकर अपने परिवार का सहारा बन सकें। इस कार्य में ड्रेस डिजाइनिंग का व्यवसाय बेहतर साबित हो सकता है।
परियोजना निदेशक बुधवार को ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान के तत्वावधान में आयोजित महिलाआें के लिए ड्रेस डिजाइनिंग प्रशिक्षण समापन पर बोल रहे थे। कहा कि आजकल की भागदौड़ और प्रतिस्पर्धा भरी जिंदगी में नौकरी मिलना आसान कार्य नहीं है। नौकरी न मिलने पर निराश होनेे के बजाय बेरोजगार युवतियाें को स्वरोजगार की दिशा में प्रयास करना चाहिए। इससे वे एक बेहतर नागरिक बनकर अन्य लोगाें के लिए प्रेरणास्रोत बन सकें।
अग्रणी जिला प्रबंधक जेके ढींगरा ने कहा कि स्वरोजगार के लिए प्रयास करने वाली किसी भी प्रशिक्षणार्थी को पैसाें की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी। कहा कि व्यवसाय को ऋण की आवश्यकता पड़ने पर उन्हें बैंक से वित्तीय मदद दिलाए जाने का पूरा प्रयास किया जाएगा। संस्थान निदेशक हरनारायण मिश्र ने जल्द से जल्द अपना व्यवसाय शुरू कर आत्मनिर्भर बनने को कहा। उन्होंने बताया कि सात अक्टूबर से धूपबत्ती एवं अगरबत्ती बनाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस मौके पर रीता, प्रियंका, राधिका नगायच, रेखा, अन्नू पाल, अफरोज जहां सहित तमाम प्रशिक्षार्थियाें को प्रमाण पत्र प्रदान किए गये।