महोबा। इस साल टमाटर ने पिछले सारे रिकार्ड तोड़ नया इतिहास रच दिया है। जिले में पहली बार टमाटर 100 रुपये किलो बिक रहा है। टमाटर की कीमत में बेतहाशा वृद्धि से सब्जी का स्वाद बिगड़ गया है। यही नहीं मध्यम और गरीब तबके के लोगों की थालियाें से टमाटर गायब हो गया है।
इस दफा जुलाई तक तेज धूप पड़ने से देशी टमाटर सूख गया। इस कारण देशी टमाटर बाजार में न आने के कारण टमाटर की कीमत आसमान छू रही है। 100 रुपये किलो बिक रहे टमाटर ने पिछले सारे रिकार्ड तोड़ दिए हैं। बाहर से आ रहे टमाटर की कीमत बढ़ने से गरीब और मध्यम वर्ग के लोगाें ने सब्जी में टमाटर का इस्तेमाल करना बंद कर दिया है। महंगाई के चलते लोग टमाटर की चटनी खाना ही भूल गए हैं।
पिछले साल बारिश में 30 से 35 रुपये किलो बिकने वाले टमाटर ने इस साल इतिहास रच दिया है, जबकि यही टमाटर जाड़ाें में पांच से 10 रुपये किलो बिकता है। सब्जी आढ़ती इब्राहीम राइन और जमील राइन का कहना है कि पहली दफा टमाटर 100 रुपये किलो पहुंचा है। इससे पहले इतना महंगा टमाटर कभी नहीं बेचा गया। उनका कहना है कि जिले के ग्रामीण अंचलाें से आने वाला टमाटर पूरी तरह बंद है। इससे टमाटर की कीमत बढ़ गई है।